Breaking News

सोने पे कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

कानपुर 08 जुलाई 2019 (महेश प्रताप सिंह). आज प्रान्तीय व्यापार मण्डल के तत्वाधान में सराफा व अन्य व्यापारियों ने सोने पर 2.5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए सरकार से कस्टम ड्यूटी वापस लेने की मांग की। बिरहाना रोड में आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि सोने-चांदी पर 2.5 परसेंट कस्टम ड्यूटी बढ़ाना सरकार का पूरे देश के सराफा व्यापारियों व आम नागरिकों को तगड़ा झटका है।


अभिमन्यु गुप्ता ने बताया कि ऐलान के बाद ही शुक्रवार को सोने का भाव 36 हजार रुपये के पार पहुंच गया।  जब कि संसद से अभी तक बजट पास नहीं हुआ। इसी तरह चांदी की कीमत भी एक दिन में 200 की बढ़ोतरी के साथ 40400 रुपये प्रति किलो हो गई। अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि  सरकार के इस फैसले से लोगों के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो जायेगा। जो अपने घर की जमा पूंजी बचत के लिए सोने में लगाते हैं या बहन बेटी के विवाह के लिए सोना खरीदते हैं उनके लिए ये एक बड़ी चोट साबित होगी। इसके साथ कस्टम ड्यूटी बढ़ने से इसकी कालाबाजारी भी बढ़ने की आशंका है। सरकार के इस फैसले से प्रति तोला सोने के दाम में 800 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। कस्टम ड्यूटी बढ़ने से बाजार में सराफा कारोबार में मंदी आयेगी। वही कालाबाजारी से जुड़े लोग कम दाम पर सोना बेचते रहेंगे। 


उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर संगठन का प्रदेश नेतृत्व वित्त मंत्री से मिलकर अपनी बात रखेगा। कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी से छोटे और मध्यम वर्गीय सराफा कारोबारियों का मनोबल गिरेगा। देश के 3.50 करोड़ छोटे एवं मध्यम वर्गीय सराफा व्यापारियों के लिए यह उचित निर्णय नहीं है। पिछले दो महीने ऐसे ही प्रति तोला दो हजार रुपये तक महंगा हो चुका है। अब कस्टम ड्यूटी बढ़ने से इसके भाव और चढ़ेंगे। इस मौके पर अभिमन्यु गुप्ता, संदीप जैन, प्रान्तीय व्यापार मण्डल के प्रदेश उपाध्यक्ष व सराफा व्यापारी मनोज सोनी, कानपुर सेंट्रल अध्यक्ष व सराफा व्यापारी पुष्कर सिंह, संजय बिस्वारी, अभिलाष द्विवेदी, दिनेश सोनी, राजेश सोनी, अनिल सोनी, रोबिन सोनी, अमर सोनी, मुन्ना सोनी, नरसिंह सोनी, सूरज सोनी, विक्की, भारत सोनी, पवन रस्तोगी, शंकर, रवि, प्रसन्जीत, सत्येन्द्र वर्मा, अनमोल सिंह, शब्बीर अंसारी, दीपू गुप्ता, गगनदीप सिंह, शादाब, अंकुर आदि थे।




कोई टिप्पणी नहीं