Latest News

गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

मदरसे से बरामद 11 साल की बच्ची ने बताई रेप और कैद की आपबीती

गाजियाबाद 26 अप्रैल 2018. 21 अप्रैल से लापता 11 साल की बच्ची रविवार को साहिबाबाद के मदरसे से मिली और उसने बताया कि वह कैसे मदरसा पहुंची और उसके साथ वहां क्या-क्या हुआ। बच्ची ने मैजिस्ट्रेट को बताया कि 21 अप्रैल को दुकान जाने के लिए घर से बाहर निकली थी, तभी उसे पड़ोस की लड़की मिली, जिसने उससे एक दोस्त से मिलवाने के लिए बुलाया। यह वही नाबालिग था, जो उसे मदरसे तक लेकर गया था।


बच्ची ने बताया कि 17 साल के उस नाबालिग और मदरसे के मौलवी उसका यौन शोषण करने के बाद उसे कमरे में बंद कर देते थे। मदद के लिए चिल्लाने की आवाज़ें कोई नहीं सुन पाता क्योंकि साथ वाले कमरे में क्लासेस चलती हैं। पीड़िता ने बताया कि मदरसे में कुछ अन्य लोगों ने भी उसे गलत तरह से छुआ। उनकी पहचानने की कोशिशें भी जारी हैं।

जब पीड़िता को मदरसे से छुड़ाने के लिए पुलिस वहां पहुंची थी तो वह एक कपड़ा लपेटे फर्श पर बिछी चटाई पर लेटी हुई थी। जिस कमरे में बच्ची को रखा गया था, उसमें मौलवी क्लासेस के बीच आराम करने के लिए पहुंचता था। वह इमारत स्थानीय मस्जिद कमिटी की है, जिसमें मौलवी बच्चों को तालीम देता है। पिछले साल ही मौलवी को नियुक्त किया गया था। पुलिस इस बात की जांच में भी जुटी है कि कहीं मौलवी अन्य बच्चों की किडनैपिंग में तो शामिल नहीं। वहीं, आरोपी नाबालिग के कॉल रिकॉर्ड्स चेक करने पर पुलिस ने पाया कि वह लापता होने वाले दिन लगातार पीड़िता के संपर्क में रहा। क्राइम ब्रांच कॉल रिकॉर्ड्स खंगालकर यह पता लगाने की कोशिश भी कर रही है कि उसने पीड़िता से यौन शोषण के लिए अन्य किसी से संपर्क किया था कि नहीं।  

आरोपी नाबालिग ने काउंसलिंग के दौरान पुलिस को बताया कि वह उस मदरसे का छात्र रहा है और वह तब से पीड़िता को जानता है, जब वह परिवार साहिबाबाद में रहता था। उसने बताया कि परिवार के गाजीपुर शिफ्ट होने के बाद उसने सोचा कि वह उसे फुसलाकर यहां लाएगा। इस बीच बच्ची के अपहरण के आरोपित मौलवी पर कार्रवाई न होने से नाराज कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बुधवार सुबह एनएच-24 जाम कर दिया। इस दौरान गाजीपुर थाने से लेकर यूपी गेट तक करीब 4 घंटे तक वाहन फंसे रहे। प्रदर्शन करने वाले आरोपित मौलवी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इस दौरान पुलिस और महिला कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हो गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने न केवल उनके साथ अभद्रता की बल्कि गलत जगह टच भी किया। करीब चार घंटे बाद पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। दोपहर 12 बजे के बाद एनएच-24 पर यातायात सामान्य हुआ।

आरोप है कि पुलिस ने उल्‍टा नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे बाल सुधार गृह भेज दिया, लेकिन मौलवी पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसकी जानकारी हिंदू संगठनों को लगते ही सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह 8 बजे गाजीपुर के पास एनएच-24 पर जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की।

Special News

Health News

Advertisement

Important News


Created By :- KT Vision