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गुरुवार, 29 जून 2017

छत्तीसगढ़ - किसानों की आत्महत्या का सिलसिला जारी, अब तक बारह ने जान दे डाली

रायपुर 29 जून 2017 (जावेद अख्तर). छत्तीसगढ़ में किसानों की खुदकुशी के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। सरगुजा में कर्ज से दबे एक और किसान ने जान दे दी। कर्ज की वजह से वह मानसिक तनाव में था। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने जानकारी देते हुए बताया कि रमन सरकार की नाकामी के चलते किसान आत्महत्या करने विवश हैं और मुख्यमंत्री अपनी उपलब्धियां गिनाने में मस्त हैं।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने जानकारी देते हुए बताया कि रमन सरकार की नाकामी के चलते किसान आत्महत्या करने विवश हैं और मुख्यमंत्री अपनी उपलब्धियां गिनाने में मस्त हैं। राज्य सरकार कितने किसानों की आत्महत्याओं की गिनती के बाद इस बात पर विचार करेगा कि प्रदेश में किसानों की हालत मरियल है। अध्यक्ष ने बताया कि सरगुजा जिला क्षेत्र के सीतापुर विकासखंड उलकिया गांव के ठेरगापारा निवासी किसान फूलेश्वर पैकरा ने विगत वर्ष आदिम जाति सेवा सहकारी समिति राधापुर से 40 हजार रुपए कर्ज लिया था, जिसे वो नहीं पटा पाया था। इसी दौरान उसने एक निजी बैंक से भी पौने दो लाख रुपए लोन लेकर एक ट्रैक्टर खरीदा था। इसकी वजह से उसके ऊपर कर्ज का बोझ काफी बढ़ गया था।

न्यायिक आयोग गठित कर किसान आत्महत्याओं की जांच कराई जाए - 
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने इन मामलों की न्यायिक आयोग गठित जांच कराने की मांग की है। संगठन के संयोजक और अध्यक्ष ने कहा कि समर्थन मूल्य और बोनस नहीं देने के कारण किसान कर्ज जमा करने की स्थिति में नहीं है। घर की आर्थिक जरूरतों को खेती से पूरे करने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यूपी, महाराष्ट्र सहित अनेक राज्य में किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ के किसान सरकार से उम्मीद लगाए बैठे थे कि रमन सरकार द्वारा भी किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा लेकिन राज्य सरकार की किसानों के प्रति निष्ठुरता और असंवेदनशीलता के कारण ही किसान आत्महत्या करने के लिए विवश हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आत्महत्या को स्थानीय प्रशासन सिरे से खारिज कर रही है।


कर्ज की वजह से आत्महत्या करने वाले किसानों की सूची - 
1. दिनांक 11 जून, कुलेश्वर देवांगन, दुर्ग
2. 16 जून , भूषण गायकवाड़, गोपालपुर, खैरागढ़, राजनंन्दगाव
3. 17 जून रामझुल ध्रुव, लोहारा, कवर्धा 
4. 22 जून मन्थीर सिंह ध्रुव, मोखा, बागबाहरा, महासमुंद
5. 24 जून हीराधर निषाद, जामगांव  बागबाहरा, महासमुंद
6. 24 जून ज्ञानीराम अंडी, कांकेर
7. 24 जून सीताराम कौशिक, मोहतरा, कवर्धा
8. 25 जून कुँवरसिंह निषाद, बरसन टोला, डोंगरगांव, राजनंन्दगाव
9. 25 जून , डेरहा, बुंदेलीकला, घुमका, राजनांदगांव
10. 26 जून चन्द्रहास साहू, बगदेही, कुरुद, धमतरी
11. 27 जून को सीतापुर में फुलेश्वर 


80 हजार करोड़ का बजट, फिर भी किसान निराश : बदरूद्दीन कुरैशी
पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष बदरूद्दीन कुरैशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बजट 80 हजार करोड़ का है। इसके बाद भी किसान निराश और परेशान हैं। कर्ज से दबे किसान छत्तीसगढ़ में लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। उनके साथ अन्याय हो रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद खाद और कीटनाशकों की कीमतें और बढ़ जाएंगी, इससे किसानों को दोहरी मार पड़ेगी। मुख्यमंत्री को आड़े हाथ लेते हुए उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के गृह जिले में 8 किसानों ने आत्महत्या की। राज्य सरकार किसानों को ठोस आश्वासन देने की बजाए संयमित होने की नसीहत दे रही है। नसीहत का नतीजा देखिए पच्चीस दिन में बारह किसानों ने कर्ज़ के चलते आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या समाधान नहीं : मुख्यमंत्री छग
छत्तीसगढ़ में किसानों की आत्महत्या के लगातार बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि किसी भी कारण से यदि कोई किसान आत्महत्या करता है, तो मैं इसे गलत मानता हूं. आत्महत्या गलत प्रवृत्ति है. किसी भी समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं है. डा.रमन सिंह ने कहा कि किसानों की आत्महत्या को लेकर जिस तरह की रिपोर्ट आ रही है, हम मामले अलग-अलग तथ्य लिए हुए हैं. यदि कोई पारिवारिक झगड़ों की वजह से भी आत्महत्या कर रहा है, तो ये गलत है. उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि इस तरह की भावनात्मक बातों से बचना चाहिए. उन्होंने मीडिया में आ रही रिपोर्ट्स को लेकर कहा कि ऐसे मामलों को ज्यादा हाईलाइट करना भी भावनाओं को उकेरने की तरह हैं, लिहाजा इन तथ्यों को हाइलाइट करने से बचना चाहिए.

एक एक करोड़ मुआवजा दे राज्य सरकार : भूपेश बघेल 
पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के साथ धमतरी जिले के बगदेही गांव पहुचें। जहां उन्होंने मृतक किसान चन्द्रहास साहू के परिजनों से मुलाकात की। कांग्रेस के आला नेताओ ने परिजनों से किसान द्वारा लिए गए कर्ज की जानकारी ली और किसान के मौत पर सहानुभूति प्रकट किया साथ ही मृतक के परिजनों को हरसम्भव मदद का भरोसा दिलाया है। मृतक के परिवार से मिलने पहुंचे पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने किसान चंद्रहास की मौत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और सरकार पर किसान विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया है जिसके चलते प्रदेश के किसान आत्महत्या करने के लिये मजबूर हो रहे है। उन्होंने मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार की तरह ही पीड़ित किसानों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए सरकार से मुआवजा दिए जाने की मांग की है। भूपेश बघेल के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे, पूर्व पीसीसी प्रमुख धनेद्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, मोहम्मद अकबर और शिव डहरिया के साथ विकास उपाध्याय मौजूद थे।




* छग का दुर्भाग्य कहा जाना चाहिए कि धान का कटोरा कहे जाने वाले राज्य में जून माह में कर्ज से परेशान एक दर्जन किसानों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। मुख्यमंत्री द्वारा फसल पर बोनस और उचित दर नहीं दिए जाने और चुनावी काल के दौरान किए गए वादों से मुकरने के परिणाम स्वरूप भयावह स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। सीएम से प्रत्येक छत्तीसगढ़ी किसान की आत्महत्या का हिसाब छग जनता कांग्रेस मांगेगी। - अजीत जोगी, सुप्रीमो छग जनता कांग्रेस (जे) 

* छत्तीसगढ़ में आत्महत्या करने वाले किसानों को मप्र की शिवराज सरकार की तरह ही छत्तीसगढ़ की रमन सरकार 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दे क्योंकि इन सभी आत्महत्याओं की जिम्मेदार रमन सरकार है। - भूपेश बघेल, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छग 


* मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों को किसानों की आत्महत्या पर पर्दा डालने की बजाए इसे गंभीरता से लेकर संबंधित प्रकरणों की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग गठित कर जांच कराए। - राजकुमार गुप्ता, संयोजक, छग प्रगतिशील किसान संगठन 

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