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शनिवार, 16 दिसंबर 2017

4 जवानों की हत्या के आरोपी जवान ने बताई असलियत, सच छुपाने के लिए जवान को बनाया आरोपी

बीजापुर 16 दिसंबर 2017 (जावेद अख्तर). बीजापुर के बासागुड़ा सीआरपीएफ के 168वीं बटालियन के कैंप में दिनांक 09 दिसंबर 2017 शनिवार शाम गोलाबारी में तीन अफसरों सहित एक आरक्षक की मौत हो गई तो वहीं एक एएसआई भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। सीआरपीएफ के अफसरों ने घटना के बारे में बताया कि सीआरपीएफ सिपाही ने ही गोलीबारी की जिसमें सीआरपीएफ के तीन अफसर व एक जवान की मौत हो गई तथा एक सिपाही घायल हुआ। घटना पश्चात कथित हत्या के आरोपी जवान को गिरफ्त में लेकर थाने को सौंप दिया गया।

घटना के संबंध में प्रभारी एसपी मोहित गर्ग ने कहा, मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद ही इस दावे पर कुछ कहा जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ हत्या के आरोपी जवान का दावा है कि उसने किसी को नहीं मारा बल्कि मुठभेड़ का सच छिपाने के लिए मुझे बलि का बकरा बनाया गया है। 

पत्रकारों को दी घटना की जानकारी - 
बीजापुर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जिस जवान पर गोलीबारी एवं हत्या का आरोप लगाकर जेल में डाल दिया है। उसी सीआरपीएफ बटालियन के जवान संत कुमार ने दिनांक 10 दिसंबर रविवार, पत्रकारों को घटना से जुड़ी अपनी कहानी बताते हुए सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि उसने किसी भी अफसर या जवान पर गोली चलाई ही नहीं तो जान से मारने एवं घायल होने का तो प्रश्न ही नहीं बनता है।
संत कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन वह 2 से 4 बजे तक संतरी ड्यूटी पर था। ड्यूटी खत्म होने के बाद अपनी राइफल जमाकर वह वापस जा रहा था, तभी गोली चलने की आवाज सुनी। उसने निहत्थे ही मोर्चा संभाला एवं गोली चलने के आवाज की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ा। उसको नहीं पता कि किसके हथियार से गोलियां चलीं और किसने चलाईं, गोलीबारी में तीन अफसर एवं एक सिपाही मारे गए व एक घायल हुए। घटना के बाद कंपनी कमान्डेंट ने उसे ही पकड़ लिया और उस पर गोली मारने का आरोप लगाते हुए थाने भेज दिया गया।

आदिवासी ग्रामीणों को नक्सली बता गोली मार देतें हैं अफसर - 
संत कुमार ने कहा कि सीआरपीएफ अफसर किसी भी आदिवासी ग्रामीण से नाराज हो जाते या अफसरों की बातें नहीं मानते तो उस ग्रामीण को नक्सली बताकर गोली मार देते हैं। घटना वाले समय कैंप में कुछ तो हुआ था जिसमें चार लोग मारे गए, मगर अफसरों ने इस पर पर्दा डालने के लिए मुझे ही हत्या का आरोपी बनाकर पुलिस को सौंप दिया। संत कुमार ने कहा कि अफसरों के साथ उसका मनमुटाव जरूर था, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि मैं अपने अफसरों एवं साथियों को जान से मार दूं। उन लोगों की तरह मैं भी अपना परिवार पालने के लिए यहां ड्यूटी कर रहा हूं। मेरे संबंध में कैंप एवं ट्रेनिंग सेंटर में भी पता किया जा सकता है कि मैं कैसा हूं, कैसा रिकार्ड रहा है और कैसी सोच रखता हूं। निष्पक्ष रूप से उच्च स्तरीय जांच होगी तो वास्तविकता स्वत: सामने आ जाएगी। क्योंकि सच अपने आप में ही काफी होता है, सच को साबित करने के लिए प्रमाणों की जरूरत नहीं होती है। 

जवानों ने उसे घेरकर पकड़ लिया - 
सीआरपीएफ आईजी संजय अरोड़ा के कथनानुसार, संतकुमार शराब पीने का आदी था। मना करने के बावजूद वह शराब पीने के लिए आसपास के गांवों में चला जाता था। अफसरों से इसकी शिकायत हुई। जिस पर 15 दिन पहले ही उसको मुख्य कैंप भेजा गया था। इसको लेकर निरीक्षक वी.के. शर्मा के साथ उसका विवाद हुआ। शनिवार शाम उसने बैरक से निरीक्षक वी.के. शर्मा की एके-47 राइफल और कारतूस उठा लिए और शर्मा पर फायर झोंक दिया। उस समय निरीक्षक मेघसिंह, सहायक उपनिरीक्षक राजबीर और आरक्षक जी.एस. राव सब्जियां तोड़ रहे थे। फायरिंग की चपेट में आकर ये तीनों मौके पर मारे गए। उनके साथ मौजूद एएसआई गजानन ने संत कुमार को रोकने की कोशिश की तो उसने उस पर भी गोली चलाई। इससे गजानन घायल होकर वहीं गिर गया। गोलियों की आवाज सुनकर दूसरे जवान घटनास्थल की ओर दौड़े। संत कुमार ने उन पर भी गोलियां चलाई लेकिन तब तक मैगजीन खाली हो चुकी थी। उसके बाद वह हथियार फेंककर भागने लगा। जवानों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। मारे गए जवानों और घायलों के शरीर को एयरलिफ्ट कर जगदलपुर के अस्पताल में लाया गया है। यहां घायल जवानों का इलाज चल रहा है। 

पुलिस-सीआरपीएफ अफसरों ने लिया कैंप का जायजा - 
रविवार को राज्य पुलिस के विशेष महानिदेशक नक्सल अभियान डीएम अवस्थी, बस्तर आईजी विवेकानंद, डीआईजी पी सुंदरराज, सीआरपीएफ आईजी संजय अरोड़ा और दूसरे अफसर बासागुड़ा कैंप पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया। साथी जवानों और संदिग्ध जवान से भी पूछताछ की। सीआरपीएफ आईजी ने बताया, संगठन ने घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी गठित करने को कहा है। इसकी जिम्मेदारी डीआईजी रैंक के अफसर को दी गई है। पूछताछ के लिए आरोपी जवान को रिमांड पर लिया जाएगा। इस बीच बीजापुर की स्थानीय आदलत ने आरोपी जवान को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

मुख्यमंत्री ने दुख जताया - 
सीआरपीएफ जवान द्वारा साथियों पर की गई गोलीबारी में मारे गए जवानों के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि बासागुडा में सीआरपीएफ के वीके शर्मा, मेघ सिंह, राजबीर और जीएस राव के निधन का दुखद समाचार मिला। मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं, साथ ही मैं घायल हुए गजानंद के शीध्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। 


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