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सोमवार, 11 सितंबर 2017

फर्जी प्रमाण-पत्र से 8 साल पहले पाई थी नौकरी अब हुईं गिरफ्तार

दुर्ग 11 सितंबर 2017 (जावेद अख्तर). भिलाई जिले में वर्ष 2009 में स्वास्थ्य विभाग में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्ति की जा रही थी। प्रमाण-पत्रों की जांच के दौरान 19 महिला उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए थे। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूर्व में प्रकरण की जांच सीआईडी द्वारा की जा रही थी। बाद में थाना दुर्ग को डायरी पुन: विवेचना के लिए लौटा दी गई।

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें ममता चन्द्राकर पति ढालसिहं चन्द्राकर (36) निवासी ग्राम धौराभाठा पाटन, भुनेश्वरी चन्द्राकर पति सीताराम चन्द्राकर (38) निवासी ग्राम घुघासीडीह उतई, श्रीमती स्नेहा चन्द्राकर पति प्रदीप चन्द्राकर (39) रिसाली सेक्टर भिलाई, श्रीमती शांता साहू पति गंगाराम साहू (34) निवासी ग्रामनेवारी कला तहसील बालोद और सुमीति वर्मा पिता चुनुराम वर्मा पति ऋषि कुमार (31) निवासी औधी हाल विश्व बैक कालोनी सेक्टर -1 भिलाई तीन शामिल है।

यह है मामला - 
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों के लिए उम्मीदवारोंं द्वारा प्रस्तुत आवेदन की जांच के दौरान 19 महिला उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए। तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जगदीश मेश्राम ने कोतवाली थाना दुर्ग में इसकी लिखित शिकायत की थी। शिकायत पर पुलिस ने 23 जनवरी 2009 को उक्त महिलाओं के खिलाफ धोखाधड़ी व दस्तावेजों में कूटरचना सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पूर्व में प्रकरण की जांच सीआईडी द्वारा की जा रही थी। बाद में थाना दुर्ग को डायरी पुन: विवेचना के लिए लौटा दी गई।

राजनांदगांव व इन्दौर से कराई गई प्रमाण-पत्रों की जांच - 
विवेचना के दौरान महिला उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत प्रमाण-पत्रों की जांच बहुउद्देशीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण केन्द्र राजनांदगांव एवं कस्तूरबा गांधी इन्दौर से कराई गई। राजनांदगांव से एक उम्मीदवार श्रीमती शांता साहू का प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया तथा प्राचार्य कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट इंदौर से 18 महिला उम्मीदवारों का नर्सिंग प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र एवं अंक सूची फर्जी होने के प्रमाण मिले।
उक्त 19 उम्मीदवारों द्वारा फर्जी मार्कशीट तथा फर्जी नर्सिग प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र के आधार पर छ.ग नर्सिग रजिस्ट्रेशन काउंसलिग रायपुर में अपना पंजीयन भी का लिया था। इस प्रकार फर्जी अंकसूची तथा फर्जी नर्सिंग प्रशिक्षण के आधार पर पंजीयन करवा कर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी जिला दुर्ग के अधीनस्थ वर्ष 2003 में संविदा नियुक्ति प्राप्त कर नियमित नियुक्ति का प्रयास किया गया।

गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की टीम - 
जिला पुलिस द्वारा पुराने मामलों में फरार आरोपियों के संबंध में पतासाजी कर उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी क्राइम डी.एस पोर्ते ने बताया कि उक्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना स्टाफ व क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया है। आरोपियों के निवास स्थान पर नजर रखने के साथ ही संभावित स्थानों में उनकी पतासाजी कर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

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