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गुरुवार, 17 नवंबर 2016

कानपुर - हरे पेड काटने से मना करने पर दंबगों ने पूरे परिवार को पीटा

कानपुर 17 नवम्‍बर 2016 (हरि ओम गुप्‍ता). पेड काटने का विरोध एक परिवार पर उस समय भारी पड गया जब पेड काटने से मना करने पर दबंगों ने पूरे परिवार को बुरी तरह पीट दिया। इस मार-पीट के दौरान दो लोगों के सिर फट गये। आरोप है कि पीडित जब थाने पहुंचे तो पुलिस ने पीडितों को थाने से डपट कर भगा दिया और दबंगों से मिलकर उल्टा पीडिताें पर ही मामला दर्ज कर दिया।

पीडित महिला सुभागी पत्नी राम किशोर निवासिनी 192/4 विजय नगर ने आज एक प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि उनके घर के सामने एक हरा पेड लगा है जिसे बीती 15 नवम्बर को पडोस में रहने वाले सूरजभान, प्रमोद, नागेन्द्र, शिवा, अशोक, संजय, सौदागर, बृजभान, आशू, कालू और हषित मिलकर काट रहे थे। उन्‍होंने बताया कि उनके द्वारा विरोध करने पर यह सभी दबंग हथियारों के साथ उनके घर में घुस आये और पूरे परिवार को बुरी तरह पीटा। उसमें से शानू ने चाकू से परिजनों पर प्रहार किया जिससे पीडिता के दो पुत्रों के सिर फट गये तथा पुत्री भी गंभीर रूप से घायल हो गयी। 

पीडिता ने बताया कि यह सभी युवक क्षेत्र के दबंग हैं और इन पर लूट, मार-पीट, जुआ चलाने के कई मामले थाने में दर्ज हैं। पीडिता के अनुसार इन दबगों की पुलिस से खासी सांठ-गांठ है, जिसके कारण काकादेव थाने की पुलिस ने पीडितों और घायलों को थाने से भगा दिया। पीडित परिवार ने जब डीआईजी से शिकायत की तो चौकी इंचार्ज त्रिवेणी दत्त पाण्डे ने डीआईजी कार्यालय से पहुंचे फोन पर कहा दिया कि यहां कोई महिला नहीं आई। वहीं थाना काकादेव पुलिस ने दबंगों से सांठ-गांठ कर उनका मेडिकल भी करा दिया तथा उल्टा पीडितों के खिलाफ ही मामला दर्ज करा दिया और अब पीडित परिवार अधिकारियों की चौखट के चक्कर काट रहा है। महिला ने बताया कि कई बार कहने के बावजूद पुलिस ने उन्हें मेडिकल के लिए नहीं भेजा। दबंगों के पक्ष में उनके उपर  समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। 

काकादेव थानाध्यक्ष के अनुसार थाने में नहीं आया कोई -
वार्ता के दौरान पूरे मामले की जानकारी लेने के लिए जब पत्रकारों ने थाना काकादेव को फोन किया तो थानाध्यक्ष काकादेव अजय कुमार ने बताया कि उनके पास इस प्रकार की कोई सूचना नहीं है और न ही कोई पीडित थाने में आया, यदि थाने में कोई आता तो उसकी तहरीर पर निष्पक्ष कार्यवाही की जाती। इसके विपरीत पीडितों के पास थाने के साक्ष्य के रूप में वीडियों है जिसमें वह पुलिसकर्मियों से अपनी अपनी बात कर रही है ऐसे में यह बात साफ हो जाती है कि पुलिस अपने को बचाने के लिए साफ झूठ बोल रही है। 

चौकी इंचार्ज शास्त्री नगर करते है सौदा, कराते है समझौता -
इस पूरे प्रकरण में शास्त्री नगर चौकी इंचार्ज त्रिवेणी दत्त पाण्डे पर आरोप है कि वो दबंगों के साथ मिले हुए हैं। घटना के बाद चौकी इंचार्ज ने न तो घायलों को मेडिकल के लिए भेजा और न ही उनकी तहरीर ली। उल्टा उन्हें ही फटकार लगायी। यही नहीं पीडित थाना-चौकी के चक्कर लगाते रहे और दबंगों से मिलकर चौकी इंचार्ज त्रिवेणी दत्त पाण्डे ने पीडितों पर ही मुकदमा कायम कर दिया। मेडिकल के दौरान होमगार्ड छविनाथ कनौजिया ने पीडितों से कहा कि उन्होंने साहब से बात कर ली है, आप घर जाओ कुछ लक्ष्‍मी का इंतजाम करो आपका काम वह साहब से करवा देगा। क्षेत्र के सूत्रों की माने तो कई मामले ऐसे हुऐ हैं जिसमें चौकी इंचार्ज त्रिवेणी दत्त ने कोई कार्यवाही नहीं की और पीडितों पर ही दबाव बनाकर जबरन समझौता करा दिया। दूसरी तरफ थाना काकादेव की पुलिस ने कुछ दिन पहले ही कुछ दबंगों से मिलकर एक युवक के खिलाफ मोबाइल चुराने का झूठा मुकदमा दर्ज किया था और युवक को घर से उठा कर जबरन थाने में रात भर बिठाये रखा था। यही नहीं युवक की मां और बहन को भी रात भर थाने में बिठाया गया था, मामला व्हॉट्सएप ग्रुपों में चलने के बाद युवक को छोडा गया था।

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