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मंगलवार, 30 अगस्त 2016

आदमखोर भालू के डर से जीना हुआ हराम, वन विभाग की सभी कोशिशें हुई नाकाम

छत्तीसगढ़ 30 अगस्त 2016 (अरमान हथगेन). कोरिया जिला इन दिनों आदमखोर भालू की दहशत से भयभीत है एवं ग्रामीणों का जीना हराम हो गया है, सभी डर डर कर जी रहें हैं। भालू प्रभावित इलाकों में जहां एक ओर ग्रामीण दहशतजदां हैं तो वहीं बीते दिनों आदमखोर हुए भालू की तलाश में पूरा वन विभाग का अमला जंगलों की छानबीन करने पर लगा रहा परंतु आदमखोर भालू का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका।

हृदय विदारक घटना के छठवें दिन भी जंगली इलाकों में लगातार खोजबीन जारी रही परंतु वन अमले, प्रशासन व एक्सपर्ट टीम की सभी कोशिशें नाकाम रही। गौरतलब हो कि चिरमिरी के लक्ष्मण झरिया टेंगनी पहाड़ पर छ: दिन पहले एक आदमखोर जंगली भालू ने दो ग्रामीणों पर हमला कर उनकी जान ले ली थी।
  
ग्रामीणों का फूटा आक्रोश -
अब तक आदमखोर भालू के नहीं पकड़े जाने से नाराज गेल्हापानी के ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया, तत्पश्चात पचास से भी अधिक संख्या में गेल्हापानी के ग्रामीणों द्वारा सोमवार सुबह करीब 10 बजे से चिरमिरी गेल्हापानी-बैकुंठपुर मुख्य सड़क मार्ग पर चक्काजाम कर दिया गया। वहीं ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और आक्रोशित भीड़ ने शासन, प्रशासन व वन विभाग के खिलाफ 'मुर्दाबाद व हाय हाय' के जमकर नारे लगाए गए और आदमखोर भालू को जल्द पकड़ने या गोली मारने की गुहार लगाई। नारेबाज़ी से स्थिति तनावपूर्ण होती देख विभाग के अधिकारियों द्वारा एकत्र हुए ग्रामीणों को भरसक समझाने का प्रयास किया गया परंतु आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ करीब साढ़े चार घंटे तक गेल्हापानी चौक पर मुख्य सड़क मार्ग के मध्य में बैठी रही। जिसके कारणवश पूरा आवागहन ठप्प हो गया, चौक व मुख्य मार्ग के दोनों ओर काफी लंबा जाम लग गया।

वन विभाग एवं प्रशासन हताश -
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, घटना के बाद भालू को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस व वन अमले के सहयोग से पतासाजी की कोशिशें की गई पर असफल रहे जिससे विभाग व पुलिस टीम हताश होकर बिलासुपर से अतिरिक्त एक्सपर्टों की टीम बुलाई गई। बिलासपुर से आई आठ सदस्यीय विशेष टीम द्वारा लगातार जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया गया, जंगल में भालू को पकड़ने के लिए दो पिंजड़े लगाए गए, जिसमें बकायदा शहद डाला गया है लेकिन फिर भी भालू टीम की पकड़ से दूर ही है।

भालू पकड़ने के लिए अतिरिक्त टीम की मदद -
वन विभाग के अनुसार आदमखोर भालू को पकड़ने के लिए जंगल में दो पिंजड़े लगाए गए हैं, तो वहीं दूसरी ओर भालू को पकड़ने के लिए स्थानीय पण्डो जनजाति के करीब 20 नागरिकों व उनके कुत्तों का सहारा भी लिया जा रहा है, एवं अमले सहित एक्सपर्ट टीम द्वारा लगातार सघन खोजबीन के तहत सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है लेकिन बावजूद इसके अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है।
 
पिछले गुरूवार को चिरमिरी इलाके के लक्ष्मण झरिया टेंगनी घाट में भालू ने दो ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया था, ग्रामीण घरेलू जलाऊ लकड़ी लेने के लिये जंगल गया हुआ था, जिस पर भालू ने हमला किया, वहीं एक अन्य सहित तीन पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे. इस घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी एक्सपर्ट की टीम के साथ भालू को मारने के लिए उसकी तलाश कर रहे थे। बस उसी दौरान चिरमिरी के छोटा बाजार इलाके के लाहिड़ी स्कूल में भालू के घुसने की खबर मिलने पर पूरा वन अमला वहां पहुंच गया, हालांकि किसी को कोई हानि नहीं हुई, वन अमले द्वारा भालू पर बेहोश करने वाली बंदूक से फायर किया गया था। इसमें से एक नशे का इंजेक्शन भालू को जा लगा, लेकिन इसके बावजूद भालू वहां से भाग निकला। भालू के हमले की दूसरी घटना साजा पहाड़ इलाके में सामने आई, जहां भालू ने दो ग्रामीणों पर हमला किया, जिन्हें घायल अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पोंडी में दाख़िल किया गया। इसके साथ ही खड़गवां इलाके में भी एक व्यक्ति के घर में भालू के घुसने की खबर आई थी। जहां ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद भालू पेड़ पर चढ़ गया था। हालांकि यहां किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।

* लक्ष्मण झरिया के टेंगनी घाट के पास भी सर्चिंग के दौरान वन विभाग की टीम द्वारा आदमखोर भालू पर बेहोश करने वाली बंदूक से चार बार फायर किया गया था, लेकिन रेंज से बाहर होने की वजह से उसे एक भी इंजेक्शन नहीं लग सका और अभी भी भालू की तलाश में विभाग अमले के साथ एक्सपर्ट टीम व जानकार स्थानीय लोगों के साथ जंगलों में खोजबीन जारी है। - एक्सपर्ट टीम सदस्य

* वन विभाग व एक्सपर्ट टीम द्वारा आदमखोर भालू की लगातार तलाश की जा रही हैं, जंगल घनघोर होने की वजह से अभी तक कामयाबी हासिल नही हुई पर जल्द ही सफलता हासिल होगी। - डीएफओ कोरिया

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