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गुरुवार, 9 जून 2016

शाहजहाँपुर - स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक मुद्रा लोन पर माँग रहे सुविधा शुल्क

शाहजहाँपुर/अल्हागंज 9 जून 2016 (ब्‍यूरो कार्यालय). देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता की बेरोजगारी दूर करने के लिए तरह तरह के जतन ढूंढ रहे हैं। लोगों को बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों को व्यापार करने के लिए मुद्रा योजना लागू की जिससे लोग ऋण लेकर अपना व्यापार शुरू कर सके। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना व सोच पर बैंक के कर्मचारी बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गरीब जनता लोन लेने के लिए बैंक जाती है तो उससे सुविधा शुल्क के नाम पर मोटी कमीशन की मांग की जाती है। ताजा मामला कस्बा अल्हागंज की भारतीय स्टेट बैंक का है। यहां के शाखा प्रबंधक ने तीन लघु उद्यमियों की प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना की फाइलें इसलिए वापस कर दी क्योंकि वे माँगा गया 6 प्रतिशत कमीशन नहीं दे पाए। कस्बा अल्हागंज निवासी आशाराम ने खुलासा टीवी के संवाददाता को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक की अल्हागंज शाखा के प्रबंधक को 50 हजार ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन पत्र के साथ माँगे गये सौ सौ रूपये के सात स्टाम्प पेपर व पहचान पत्र तथा कोटेशन तथा दो बैंकों से लिखाये गए नो डियूज भी जमा किये गए थे। शाखा प्रबंधक उपेंद्र कुमार बाथम द्वारा उसकी मोटर साईकिल मैकेनिक एवं स्पेयर्स पार्ट्स की दुकान का सर्वे भी  किया था। शाखा प्रबंधक तीन महीने तक दौड़ाते रहे पर लोन नहीं दिया। मजबूर होकर उसने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की उनके निर्देश पर जाँच अधिकारी विनोद कुमार जाँच करने आऐ उन्होंने खर्चे के नाम 6 प्रतिशत कमीशन देने तथा शाखा प्रबंधक का सहयोग करने को कहा, कमीशन न दे पाने पर उसकी आटो स्पेयर पार्टस की दुकान को मोबाइल की दुकान प्रदर्शित कर फाइल को वापस कर दिया। लेकिन फ़ाइल के साथ संलग्न सात सौ रुपये के स्टाम्प पेपर व अन्य जरूरी कागजात आज तक वापस नहीं किये हैं। 

दूसरे लघु उद्यमी अमन गुप्ता पुत्र अजय पाल गुप्ता मोहल्ला पीरगंज ने बताया  कि उन्होंने भी मोबाइल दुकान के लिऐ 50 हजार ऋण के लिए भारतीय स्टेट बैंक शाखा अल्हागंज में आवेदन किया था। शाखा प्रबंधक के माँगने पर सात सौ के स्टाम्प पेपर व अन्य जरूरी कागज की औपचारिकता पूरी की थी। कमीशन न देने पर पाँच महीने दौडाने के बाद फाइल वापस कर दी। लेकिन स्टाम्प पेपर वापस नहीं किये। तीसरे लघु उद्यमी उपदेश पुत्र ओमप्रकाश मोहल्ला पीरगंज ने बताया कि उन्होंने रिपेरिंग सेन्टर के लिए पचास हजार ऋण के लिए आवेदन की सभी औपचारिकता पूरी करते हुऐ किया था। लेकिन उसको बिना कारण बताऐ लंबित रखा गया। जिसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों को करते हुऐ पूर्ण विवरण के लिए आर.टी.आई भी डाली थी। जिससे चिढ़ कर शाखा प्रबंधक ने उसकी भी फाइल आपत्ति लगाकर वापस कर दी। तीनों आवेदकों का आरोप है कि बैंक मे दलालों का जमघट लगा रहता है। कोई भी ऋण फाइल दलाल की स्वीकृति के बिना पास नहीं की जाती है। फाइल की स्वीकृति के लिऐ कमीशन देना ही पडता है। तीनों आवेदकों ने शाखा प्रबंधक की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय व वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर की है। शाखा प्रबंधक उपेन्द्र कुमार का कहना है कि कमीशन माँगने का आरोप निराधार है। तीनों आवेदक अपात्र थे। इसलिए ऋण फाइलें वापस कर दी गई।

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