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शनिवार, 5 सितंबर 2015

वन रैंक-वन पेंशन लागू, वीअारएस लेने वालों को फायदा नहीं

नई दिल्‍ली 05 सितंबर 2015 (IMNB). रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज पूर्व सैनिकों की लंबित मांग वन रैंक-वन पेंशन (OROP) का ऐलान कर दिया। एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह मांग चार दशकों से लंबित थी। इस पर 8 से 10 हजार करोड़ का सालाना खर्चा होगा। 4 किस्‍तों में बकाया पैसा मिलेगा। हालांकि शहीदों के परिवारों को एक किश्‍त में बकाया दे दिया जाएगा। पूर्व सैनिकों को 1 जुलाई 2014 से इसका लाभ मिलेगा। वीआरएस लेने वाले सैनिकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा होगी।

रक्षा मंत्री के OROP ऐलान के बाद पूर्व सैनिकों ने कहा कि 'हम सरकार के ऐलान से संतुष्‍ट हैं। रक्षा मंत्री ने हमारी मांगें मान ली हैं।' हालांकि उन्‍होंने वीआरएस के मुद्दे पर सरकार से सफाई मांगी और कहा कि 'वीआरएस लेने वाले सैनिकों को इसका लाभ न दिए जाने वाली बात हमें मंजूर नहीं। उन्‍हें भी इसका फायदा दिया जाना चाहिए। साथ ही हमें एक सदस्‍यीय आयोग भी मंजूर नहीं। हम 5 सदस्‍यों की कमेटी चाहते हैं। इस आयोग को 6 महीने नहीं सिर्फ 30 दिन मिलें।' पूर्व सैनिकों ने कहा, 'हमें पेंशन पर पांच साल पर समीक्षा भी मंज़ूर नहीं है। सरकार ने हमारा सिर्फ़ एक प्वाइंट माना, 6 नहीं माने।' इसके साथ ही पूर्व सैनिकों ने इस मुद्दे पर अपना धरना-विरोध जारी रखने की बात भी कही। वन रैंक-वन पेंशन योजना का ऐलान किए जाने से पहले पूर्व सैनिकों ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात भी की। रक्षा मंत्री से मिलने के बाद मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सतबीर सिंह ने बताया कि उनकी रक्षा मंत्री के साथ अच्छे वातावरण में बैठक हुई। बताया कि वन रैंक, वन पेंशन कॉन्सेप्ट को सरकार ने मंज़ूर किया है। सरकार मोटे तौर पर पूर्व सैनिकों की बातों से सहमत हो गई है। वीआरएस वालों को भी फ़ायदा मिलेगा। बाकी आज सरकार की तरफ से वन रैंक-वन पेंशन पर बयान आने के बाद वे अपना रूख साफ करेंगे। 

उधर, पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह से मिलने उनके आवास पहुंचे। रक्षा मंत्री से मुलाकात से पूर्व जंतर-मंतर पर एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर पूर्व सैनिकों ने साफ कह दिया कि वह वीआरएस लेने वालों, फैमिली पेंशनरों और विकलांग पेंशनरों के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट कहा, अगर सरकार की पेंशन योजना का खाका उनके मुद्दों से नहीं मिला तो वे इसे नहीं मानेंगे। पूर्व सैनिकों ने आगे कहा कहा कि हमें सरकार से कुछ संकेत मिले हैं। हम खुले मन से रक्षा मंत्री से मिलने के लिए जाएंगे और उनकी बात सुनने के बाद निर्णय लेंगे। उन्‍होंने कहा, हमारी मांग है कि सारे पेंशनरों को फायदा मिलना चाहिए। वीआरएस लेने वाले सैनिकों को भी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। इसके लागू होने से जवानों, विधावाओं और अपाहिज जवानों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा। सरकार के मुताबिक, वह कोश्यारी कमेटी के सुझावों से आगे की बात भी मान चुकी है।

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