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गुरुवार, 5 फ़रवरी 2015

मांझी को हटा नीतीश फिर बनेंगे सीएम ?

पटना। क्या नीतीश कुमार को बिहार की सत्ता फिर संभालनी चाहिए? मौजूदा मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ किस तरह से पेश आया जाए? ये कुछ सवाल हैं, जिससे जेडी (यू) के कर्ता-धर्ता परेशान हैं। इसी परेशानी से उबरने के लिए बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मीटिंग हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष शरद यादव के साथ खुद नीतीश कुमार और पार्टी महासचिव के. सी. त्यागी ने हिस्सा लिया।
इस बैठक के बाद कयास तेज हो गए कि अब सीएम जीतन राम मांझी की छुट्टी तय है। खबर यह है कि 23 फरवरी को ही इस संबंध में फैसला ले लिया जाएगा, जब जेडी (यू ) विधायक दल की बैठक होगी। कोई हैरत की बात नहीं कि उसी दिन मांझी की छुट्टी कर दी जाए और लगे हाथ नए सीएम के तौर पर नीतीश के नाम की घोषणा भी हो जाए। शरद यादव और के. सी. त्यागी ने उन लोगों से भी मुलाकात की, जिन्होंने बतौर जेडी (यू) उम्मीदवार पिछला लोकसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन, दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने मांझी से मिलने की जरूरत महसूस नहीं की जबकि मांझी भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने जेडी (यू) के टिकट पर पिछला लोकसभा चुनाव लड़ा था। जेडी(यू) सूत्रों का कहना है कि मांझी और नीतीश के बीच दूरियां इतनी बढ़ गई हैं कि अब इसे पाटना नामुमकिन हो गया है। ऐसे में नीतीश के वफादार कई वरिष्ठ नेता 20 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले ही मांझी को हटाने की मांग पर अड़ गए हैं।
बहरहाल, एक ओर मांझी ने इन बैठकों पर कुछ भी बोलने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह सीएम के रूप में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं तो दूसरी ओर के. सी. त्यागी ने कहा कि सीएम कौन हो, इसका फैसला विधायक ही करेंगे। त्यागी ने यह भी कहा कि, 'हमने मांझी से बात नहीं की। मीटिंग में महिला सशक्तीकरण और 15 फरवरी को होने वाली बैठक की तैयारियों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री को बदलना हमारा काम नहीं है। यह विधायकों पर है कि वह सीएम किसे बनाना चाहते हैं।' सोमवार को मांझी ने संवाददाताओं से कहा था, 'अगर 23 फरवरी को विधायक दल की बैठक में विधायकों के बीच इस बात पर सहमति बनती है कि नीतीश कुमार को दुबारा सीएम बनाया जाए तो इसमें बुरा क्या है?' सूत्रों की मानें तो जैसे ही मांझी को सीएम पद से हटाने की घोषणा होगी, जेडी(यू) के कम से कम 25 एमएलए बगावत कर देंगे। हालांकि, बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी तो दावा करते हैं कि बागी विधायकों की तादाद कम से कम 50 होगी। उन्होंने सोमवार को मांझी से अपील की थी कि वह विधानसभा भंग कर अक्टूबर में नए सिरे से होने वाले विधानसभा चुनाव तक केयरटेकर सीएम बने रहें।

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