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शुक्रवार, 18 जनवरी 2019

धूमधाम से सम्‍पन्‍न हुआ महिला महाविद्यालय का दीक्षांत समारोह

कानपुर 18 जनवरी 2019 (पप्‍पू यादव). नगर के महिला महाविद्यालय का पंचम दीक्षांत समारोह आज विधिवत संपन्न हुआ। इस मौके पर आए महामहिम राज्यपाल राम नाईक ने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। दीक्षांत समारोह की शुरुआत  महामहिम राज्यपाल राम नाईक के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पूर्व राज्यपाल राम नाईक को NCC कैडेट्स द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। इसके बाद बीए, एमए और B.Ed की ऐसी छात्राओं को उक्त उपाधि में प्रवेश करने हेतु कुलपति नीलिमा गुप्ता के द्वारा बीए की 397, एमए की 423, B.Ed की 366 समेत कुल 1186 ने मेधावियों को उपाधियां प्रदान की गई।


महिला महाविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक ने कई पुस्तकों का विमोचन किया जिसमें डॉ सीमा वर्मा की 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: नमामि गंगे एवं मिशन भारत', डॉ ममता गंगवार की 'स्वामी दयानंद सरस्वती', डॉ वंदना शर्मा की 'भारत के म्रणमंदिर, डॉ रश्मि चतुर्वेदी की 'हिंदी साहित्य विविध परिदृश्य' डॉ प्रज्ञा श्रीवास्तव की 'सूचना संचार' और प्रीति द्विवेदी की 'भूमंडलीकरण के दौर में मानवाधिकार' शामिल रही। दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल पाने वाली छात्राओं में पूजा गुप्ता, ईशा वर्मा, नेहा मदान, दीक्षा शुक्ला, मंतशा खातून, शिफा नाज, वासिकी शर्मा, सृष्टि सक्सेना और सविता देवी के नाम शामिल रहे। जबकि करीब 28 छात्राओं को सिल्वर मेडल प्रदान किये गये।


राज्यपाल राम नाईक ने अपने उद्बोधन में कहा कि छात्राएं अपने ज्ञान के सूत्र से समाज को मजबूत करें। आज की चुनौतियों को नई पीढ़ी आगे बढ़कर अवसरों के रूप में बदलने की क्षमता रखें। सीखने का क्रम जारी रखें क्योंकि ज्ञान की कोई सीमा नहीं है। आज दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं है, शिक्षा जीवन पर्यंत चलती रहती है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे बड़ी प्रसन्नता है कि आज मैं महिला महाविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल हुआ। किसी भी विद्यालय के 50 साल पूरा करना अपने आप में बहुत बड़ी बात है, 50 वर्षों में प्रबंधक के तौर पर के काम किया। राज्यपाल ने आगे कहा कि शिक्षा में व्यापार की प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिए। जीवन में शिक्षा का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इस मौके पर राज्यपाल जी ने सावित्रीबाई फुले को भी याद किया जिन्होंने शिक्षा जगत में अपनी प्रतिभा से झंडे गाड़े हैं। 

राज्यपाल राम नाईक ने आगे कहा कि आतंकवादी भी जवान होते हैं परंतु गलत रास्ते पर चलते हैं। यदि युवा सही रास्ते पर चले तो भारत विश्वगुरु बन सकता है। युवाओं के हाथ में भारत का भविष्य है। राज्यपाल राम नाईक ने सभागार के साइन बोर्ड को देखकर कहा कि हमारे देश की भाषा हिंदी है तो इसे इंग्लिश में क्यों लिखा गया है। महिला महाविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीडीसी के निदेशक प्रोफ़ेसर नंदलाल, प्रबंध तंत्र के महासचिव कुमकुम स्वरूप, गौरवेन्द्र स्वरूप, बेबी रानी अग्रवाल एवं महिला महाविद्यालय के सभी विभाग अध्यक्ष एवं समस्त एसोसिएट प्रोफेसर्स एवं अन्य महाविद्यालयों के प्राचार्यगण मौजूद रहे।

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