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शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

इंस्‍टाग्राम की यारी पड़ गयी भारी, लड़का निकला बलात्‍कारी

कानपुर 28 दिसम्‍बर 2018 (सूरज वर्मा). काकादेव में क्रिसमस पार्टी का झांसा देकर 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली दारोगा की बेटी से दुष्कर्म किये जाने के मामले में इंस्पेक्टर के आरोपी बेटे अनुराग की पीड़िता से दो माह पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। सोशल मीडिया की ये दोस्‍ती पीड़‍िता को इतनी महंगी पड़ेगी ये किसने सोचा था। पुलिस अनुराग के साथ कमरे में रहने वाले उसके तीन साथियों की भूमिका की जांच की जा रही है



जानकारी के अनुसार डफरिन अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत में सुधार नहीं है। परिजन अनुराग के साथियों पर भी कार्रवाई के लिए अड़े हैं। काकादेव इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने मंगलवार को घटना की सूचना पर आभा अपार्टमेंट (घटना स्थल) से आरोपित अनुराग के साथ ही अभिषेक, जैकी व शुभम को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। अब तक की जांच का हवाला देते हुए इंस्पेक्टर ने बताया कि अनुराग की पीड़िता से दो माह पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। अनुराग ने मंगलवार को क्रिसमस पार्टी के बहाने छात्र को अपने फ्लैट पर बुलाकर दुष्कर्म किया। दोनों के बीच घटना से पहले और बाद में चैटिंग भी हुई। जांच में दोषी पाए जाने पर अनुराग के साथियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 

बताते चलें कि बाबूपुरवा निवासी दरोगा की पत्नी के मुताबिक 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी बेटी मंगलवार सुबह क्रिसमस के अवसर पर अपनी सहेली संग नजीराबाद घूमने गई थी। आरोप है कि बेटी का कथित दोस्त जौनपुर निवासी अनुराग यादव उसे बहला फुसला कर अपने साथ आभा अपार्टमेंट स्थित अपने फ्लैट में ले गया। वहां अनुराग ने अपने साथियों गाजीपुर के शुभम यादव, भदोही के जैकी दुबे और गोरखपुर के अभिषेक के साथ मिलकर बेटी से दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी देर रात बेहोशी की हालत में बेटी को बाबूपुरवा थाने के सामने फेंक कर भाग गए। होश आने पर बेटी घर पहुंची और परिजनों को जानकारी दी। उसकी हालत इतनी नाजुक थी कि वह बार बार बेहोश हो रही थी।

पीड़िता व परिजन के मुताबिक अनुराग ने साथियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। पुलिस अन्य आरोपितों को उनके रसूख के चलते बचाने में जुटी है। इनमें अभिषेक के पिता भी इंस्पेक्टर हैं। छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले की गंभीरता और परिजनों में कार्रवाई को लेकर असंतोष को देखते हुए एसएसपी अनंत देव तिवारी ने कल्याणपुर इंस्पेक्टर सतीश सिंह को भी जांच में लगाया है। एसएसपी ने बताया कि छात्र व आरोपित की मोबाइल चैटिंग इस घटना की अहम साक्ष्य व कड़ी है। इसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और निर्दोष पर किसी भी दबाव में आकर कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

जांच में यह सामने आया कि जिस डिग्री की पढ़ाई के बहाने अनुराग ने छात्रा से दोस्ती की थी, उसकी पढ़ाई वह कर ही नहीं रहा है। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी में बीटेक करने की बात कहने वाले अनुराग, जैकी व शुभम प्रथम वर्ष (2016-17) में ही फेल होने के बाद निकाले जा चुके हैं। पढ़ाई न कर तीनों गलत गतिविधियों में संलिप्त रहते थे। इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी की है। तीनों इतने शातिर हैं कि इन्होंने बीटेक के आइकार्ड दिखाकर ही फ्लैट पर किराए पर लिया था। 

सूत्रों के अनुसार पीड़ित छात्रा के परिजनों ने थाने और डफरिन में काफी हंगामा किया, आरोपितों को बचाए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने छात्रा के मजिस्ट्रेटी बयान को भी आधार बनाया, जिसमें चारों के घटना में शामिल होने की बात कही है। गुरुवार को पूरे दिन सी.ओ स्वरूपनगर, काकादेव व कल्याणपुर इंस्पेक्टर परिजनों को घटना से जुड़े साक्ष्य और कार्रवाई से अवगत करा समझाने के प्रयास में जुटे रहे।



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