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सोमवार, 19 नवंबर 2018

फिटनेस पर यदि तोंद है भारी, नहीं मिलेगी थ्‍ाानेदारी

कानपुर 19 नवम्‍बर 2018 (सूरज वर्मा). उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में लिये गये पहले बड़े फैसले में उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस के एक बड़े अधिकारी पर गाज गिरी है। पहले दिये गये आदेश कि 'दागी पुलिसकर्मियों को न दी जाये थानेदारी' का अनुपालन अभी तक बेहतर ढंग से नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार उसी क्रम में अब तोंद वाले पुलिसकर्मियों को थानेदारी न देने के निर्देश जारी किए गए हैं।  


पुलिस के जवानों की हालत ये है कि एक किमी दौड़ लगानी पड़े तो खाकी वर्दी पहने जवानों की सांस उखड़ जाए। जिस्म बेडौल, आगे निकली तोंद। यह हाल है जिले में 40 फीसदी सिपाहियों व दरोगाओं का। दौड़ना तो दूर उनसे तेज चला भी नहीं जाता। वजह थानों व पुलिस लाइन में नियमित परेड का न होना है। जरुरत के हिसाब से जिन पुलिस कर्मियों को हर वक्त चुस्त-दुरुस्त रहना चाहिए, वह उतने ही थकाऊ होते जा रहे हैं। अगर विभाग के दफ्तरों में नजर दौड़ाएं तो सुबह से शाम तक कुर्सी पर बैठने वाले दरोगा व सिपाही भी तोंदू हो गए हैं। प्रत्येक थाने में लगातार बैठ कर काम करने वाले पुलिस कर्मियों की सेहत भी फिटनेस के मामले में साथ नहीं दे रही। बताते चलें कि कानपुर नगर में ऐसे कई थाने हैं जहां पर पेट निकले दरोगा जी थानेदार की कुर्सी पर विराजमान हैं। यहां कुछ ऐसे भी दरोगा हैं जो वक्त आने पर 50 मीटर भी दौड़ नहीं पायेंगे, पर उनको भी थानेदारी थमा दी गई है। 

नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिसकर्मी ने दबी जबान से बताया कि 'साहब पेट उसी का निकलता है जो बहुत माल खाता है'। लोग तो यह भी कहते हैं कि बड़े थाने तो उन्हीं को मिलते जिनका पेट बड़ा होता है, क्‍योंकि वो ही बड़ा खा सकते हैं और बड़ा खिला भी सकते हैं।

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