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राम मंदिर निर्माण के लिये संसद में हो बिल पास - देवकीनंदन महाराज

कानपुर 17 नवम्बर 2018 (महेश प्रताप सिंह/अनुज तिवारी). अखण्ड भारत मिशन के अध्यक्ष कथा वाचक महाराज देवकीनंदन जी ने एक वार्ता के दौरान कहा कि 18 नवम्बर को मोतीझील से परमठ धाम आनन्देश्वर गंगाघाट तक राम मंदिर निर्माण के समर्थन में विशाल पदयात्रा निकाली जायेगी। जिसमें हजारों की संख्या में राम भक्त शामिल होंगे। उन्होंने कहा मुगल काल में राम मंदिर तोडने वालों ने किसी की अनुमति नही मांगी थी और तोड दिया था। वे आक्रमणकारी थे, बाहरी देश से आए हुए चोर-लुटेरे थे, जिन्होंने हमारी आस्था पर आक्रमण किया था देव स्थानों पर आक्रमण किया था।


महाराज देवकीनंदन जी ने कहा कि राम का चरित्र हमारे अंदर बसा हुआ है हम राम और उनके मंदिर को इसलिये चाहते है, जिससे वहां प्रमाण करने वाले लोग सीखें कि मानवता किसे कहते है। क्योंकि रामजी मनवता के प्रतीक है कहा राम मंदिर बनने के पक्ष में संसद में बिल पास किया जाना चाहिये। कुछ लोग कहते है राम मंदिर बनना चाहिये कुछ कहते है नही, केवल राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही है। यदि संसद में बिल लाया जाये तो दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा और पूरी दुनिया को पता लग जायेगा कि कौन राम मंदिर के पक्ष में है और कौन विपक्ष में। वहीं कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आतंकवादियों व नेताओं के लिए आधी रात को कोर्ट खुलता है लेकिन हमारे आस्था के मंदिर के लिए जल्द सुनवाई पूर्ण क्यों नही की जा सकती है। यात्रा समापन के उपरान्त गंगा मां की आरती की जायेगी। 


देवकीनंदन महाराज ने कहा कि सभी संतों को मिलकर अपने भगवान के लिए सडकों पर उतरना अब जरूरी हो गया है। उन्होने कहा कि वह प्रभु की कथा कहते है और कभी भी किसी राजनैतिक पार्टी के लिए चुनाव प्रचार-प्रसार नही करें। कहा कई लोग प्रचार कर रहे है कि यह राजनैतिक व्यक्ति हो गये। लेकिन यदि राजनीति करनी होती तो आगरा में गिरफ्तारी के बाद अमेरिका नही जाता। कहा कुछ लोग मुझे दलित विरोधी भी कहने लगे है लेकिन न मै दलित समाज के खिलाफ हूं और न ही एससीएसटी एक्ट के खिलाफ, मैने सत्य कहा कि पहले जांच हो और दोष पाये जाने पर गिरफ्तारी की जाये। मैने बिना जांच के तत्काल गिरफ्तारी का विरोध किया है क्योंकि यह व्यवस्था दलित समाज का भी अहित करती है। कहा देश में वर्तमान में जातिवाद को बढावा दिया जा रहा है। कुछ लोग भारत में रहकर भारत की बात नही करते, लोग यह क्यों भूल जाते है कि हम सब भारतीय है। कहा मै कथाओं के माध्यम से समाज को जोडने का कार्य करता हूं और करता रहूंगा।