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शनिवार, 21 जुलाई 2018

मुसीबत बना स्‍टैंड चलवाना, परेशान हो गया अर्मापुर थाना

कानपुर 21 जुलाई 2018 (सूरज वर्मा). प्रदेश के मुख्‍यमंत्री भले ही योगी आदित्‍यनाथ हों लेकिन कानपुर में राज सिर्फ दंबगों का चलता है। कानपुर पुलिस भी इनके आगे बेबस नजर आती है। ताजा मामला कानपुर के विजय नगर चौराहे पर स्थित टेंपो स्टैंड का है जहां पर स्‍टैंड की आड़ में अवैध वसूली का धंधा बदस्‍तूर जारी है। बताते चलें कि विजय नगर चौराहे से आसपास के चार इलाकों में टैम्‍पो, आटो एवं मैजिक आदि वाहनों का आना-जाना है, जिससे यहां से दबंगों को प्रतिदिन मोटी कमाई होती है। 


मोटी कमाई की लालच में यहां वर्चस्‍व को लेकर दबंगों के बीच कई बार घमासान हो चुकी है। अवैध कमाई के इस तालाब में कई पत्रकार, नेता व पुलिसवाले भी डुबकी लगाते हैं। पिछले दिनों आपसी खींचतान के चलते स्‍टैण्‍ड बन्‍द हो गया था पर फिर हाई कोर्ट के एक आर्डर की आड़ में पुरानी व्‍यवस्‍था फिर से चालू करवा दी गई। सूत्रों की माने तो यहां पुरानी अवैध वसूली की व्‍यवस्‍था चालू करवाने में एक वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी को भी चढावा चढाया गया है, वरिष्‍ठ अधिकारी की हनक के चलते स्‍थानीय थाने को मिलने वाली मलाई इन दिनों अटकी हुयी है। वहीं कुछ पत्रकारों एवं आरटीआई एक्‍सपर्ट द्वारा उंगली कर देने के चलते स्‍थानीय थाने की हालत ‘खाया पिया कुछ नहीं, गिलास तोड़ा बारह आना’ जैसी हो गयी है।


हाईकोर्ट के जिस आदेश  WRIT - C No. - 7518 of 2018 की आड़ में ये गोरखधन्‍धा संचालित है, उसमें कोर्ट ने आदेश दिया है कि -  

Considering the facts, we dispose of the writ petition by giving liberty to the petitioners to make a representation with respect to the grievances before the Senior Superintendent of Police, Kanpur Nagar along with certified copy of this order within three weeks from today with the further direction to the said authority that if such representation is made, he shall consider and decide the same by passing a reasoned and speaking order in accordance with law within a period of four weeks from the date of making of such representation.

उपरोक्‍त आदेश में कहीं भी कोर्ट ने स्‍टैंड चलाने की परमीशन नहीं दी है, केवल एसएसपी को प्रत्‍यावेदन देने एवं नियमानुसार कार्यवाही किये जाने को कहा है। पर इसकी आड़ में खुलकर अवैध वसूली की जा रही है, जो तथाकथित रूप से एक वरिष्‍ठ अधिकारी के संरक्षण में हो रही है।

 
इलाकाई लोगों की माने तो इस अवैध स्टैंड का तथाकथित रूप से संचालन नामी दबंग और बसपा से पार्षदी लड़ चुके एक नेता द्वारा किया जा रहा है। वहीं इस स्‍टैंड के कई वाहन चालकों का आरोप है की स्टैंड संचालक सभी वाहन चालकों से संरक्षण के नाम पर प्रति वाहन, प्रति दिन 30 रुपये अवैध वसूली करता है। यहां से सवारी भरने वाले टेम्‍पो और टैक्सी चालक इस का विरोध करते हैं तो वह उनको धमकाता है, मारपीट करता है और स्टैंड में उनको गाड़ी खड़ी नहीं करने देता है। दबंग संचालक सत्ता में बैठे कई बड़े राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों का हाथ अपने ऊपर बताकर चालकों पर रुआब झाड़ता है। उसका कहना है कि यहां स्टैन्ड पर टेम्‍पो लगानी है तो पैसे देने पड़ेंगे, नहीं तो गाड़ियां नहीं लगाने दी जायेंगी। 

बताते चलें की विगत कुछ समय पहले तत्‍कालीन डीआईजी/एसएसपी सोनिया सिंह ने अवैध रूप से चल रहे इस वाहन स्टैंड को पूरी तरह से बंद करा दिया था। उस समय यहां मनोज वर्मा नाम का आदमी वसूली करवाता था, एसएसपी के दबाव में अर्मापुर पुलिस ने मनोज वर्मा को कई गम्‍भीर धाराओं में जेल भेज दिया था। पर मैडम के जाते ही अवैध वसूली का धंधा फिर से चालू हो गया है, अबकि बार वसूली कर्ता दूसरा है पर धंधे का तरीका वही पुराना है। यहां फैली अराजकता के कारण क्षेत्र से निकलने वाले शरीफ आदमियों का बुरा हाल है। महिलाओं के साथ अभद्रता तो यहां रोज की बात है। 

आरोप है कि स्टैन्ड को पुलिस के कुछ बडे अधिकारियों का कथित संरक्षण प्राप्त होने के कारण शिकायत करने के बावजूद यहां के दबंगों पर कभी कोई कार्यवाही नहीं होती, जिससे इनके हौंसले बुलन्द हैं। पुलिस मामला नगर निगम पर टाल देती है और नगर निगम पुलिस पर। इस खींचतान के बीच स्‍टैण्‍ड पर अवैध वसूली बदस्‍तूर जारी है। उधर अर्मापुर पुलिस के लिये उक्‍त स्‍टैण्‍ड मुसीबत बन गया है, एक आरक्षी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हम लोग यहां रोज-रोज होने वाले रायतों से परेशान हो गये हैं जबकि हमको यहां से कमाई के नाम पर एक धेला नहीं मिल रहा है। कुल मिला कर विजय नगर चौराहे पर होने वाली अवैध वसूली के संग्रहकर्ता तो बदले हैं पर वसूली अभी भी जारी है।

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