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पूर्वोत्तर रेलवे ऑपरेटिंग टीम की गलत सर्वे रिपोर्ट से मैलानी-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन का निर्माण अधर में

अल्हागंज 05 जनवरी 2018 (अमित वाजपेयी). जनपद शाहजहांपुर तथा फर्रुखाबाद के व्यापारियों किसानों के आर्थिक विकास तथा बेरोजगारों को रोजगार तथा स्वयं रेलवे विभाग को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मैलानी -फर्रुखाबाद रेलवे लाइन के निर्माण की पिछले 40 वर्षों से 5 सांसदों के द्वारा उठाए जा रही थी। इस मांग को रेलवे विभाग की ऑपरेटिंग टीम की गलत सर्वे रिपोर्ट से बड़ा झटका लगा है।

 
प्राप्त जानकारी के अनुसार मैलानी - फर्रुखाबाद रेलवे लाइन के निर्माण की वर्ष 1977 से बराबर उठाई जा रही है इस मांग को जनपद शाहजहांपुर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सांसद तथा मंत्री जितिन प्रसाद, सपा पूर्व सांसद राममूर्ति सिंह वर्मा एवं मिथिलेश कुमार ,भाजपा की केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज बरेली के भाजपा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार तथा फर्रुखाबाद के कांग्रेस पार्टी के पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने रेलवे लाइन निर्माण की मांग संसद में उठाते रहे हैं सांसदों की मांग को रेल मंत्रालय ने भी अपने संज्ञान में लेकर रेलवे विभाग को पूरे क्षेत्र के सर्वे की आकलन रिपोर्ट मांगी थी जिसमें वर्ष 1977 में रेल विभाग के द्वारा मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में 14% आर्थिक हानि दर्शाई गई थी।

वर्ष 1999 में दूसरे सर्वे में इस हानि को घटाकर 7.22 % दर्शाया गया वर्ष 2014 में तीसरा सर्वे ग्वालियर- फर्रुखाबाद- शाहजहांपुर हुआ जिसमें हानि 23.13% दर्शाया गया जिसे उत्तर- मध्य रेलवे ने कराया था। चौथा सर्वे 2003 में उत्तर रेलवे ने बरहन- एटा- शाहजहांपुर के लिए किया गया था जिसमें हानि 11.19 % दर्शाया गया था। पांचवां सर्वे पूर्वोत्तर रेलवे ने 2015 में करा कर मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में 2.64% लाभ के रुप में दर्शाया था जोकि रेलवे लाइन के निर्माण की स्वीकृति के लिए सकारात्मक तथा इसके पूर्व रेलवे विभाग की ऑपरेटिंग टीम ने सर्वे कार्य गंभीरता के साथ नहीं किया सर्वे टीम ने सर्वे के नाम पर अभी तक खानापूरी ही की है उसने कभी भी शाहजहांपुर फर्रुखाबाद के जनप्रतिनिधियों व्यापारिक संगठनों से कभी इस मुद्दे पर वार्ता ही नहीं की यहां तक कि इस टीम ने शाहजहांपुर जनपद में आने की आवश्यकता ही नहीं समझी दोनों जनपदों (शाहजहांपुर फर्रुखाबाद) के विधायकों जिला पंचायत अध्यक्षों तथा सांसदों के द्वारा रेलवे विभाग को भेजे गए मांग पत्रों में दर्शाए गए लाभ के बिंदुओं पर गौर नहीं किया पूरी ऑपरेटिंग टीम में मात्र कृफको खाद फैक्ट्री शाहजहांपुर से होने वाली ट्रेडिग एवं लोडिंग से होने वाले लाभ  तक सीमित रखते हुए अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को प्रेषित की है।

मंत्रालय ने निर्माण लागत में होने वाले परिवर्तन को दृष्टिगत रखते हुए इस परियोजना की शुरुआत ना कराकर इसे लटका दिया है भारतीय उपभोक्ता संरक्षण मंच के जिला अध्यक्ष एन.सी सक्सेना बताते हैं कि रेलवे विभाग के द्वारा वर्ष 2015 में कराए गए सर्वे में जो लाभ दर्शाया गया है उस को दृष्टिगत रखते हुए विधायकों सांसदों मंत्रियों तथा आम जनता के द्वारा नियोजित ढंग से रेलवे मंत्रालय के पास मैलानी- फर्रुखाबाद रेलवे लाइन निर्माण की मांग को उठाना आवश्यक है।

रेलवे लाइन से होने वाले लाभ -
अगर मैलानी -फर्रुखाबाद रेलवे लाइन का निर्माण हो जाता है तो हमारी सेना सामरिक दृष्टिकोण से फायदे में रहेगी अगर भविष्य में पाक अथवा चीन से युद्ध होता है तो फतेहगढ़ की राजपूत रेजीमेंट तत्काल इसी रेलवे लाइन के द्वारा टनकपुर कुछ ही घंटों में पहुंच सकती है टनकपुर हमारी उत्तरी सीमा का एक महत्वपूर्ण सामरिक स्थान है यह लाइन शाहजहांपुर की कैंट एरिया एवं क्लोदिंग फैक्ट्री, फतेहगढ़ छावनी, मथुरा, आगरा झांसी, छावनी, भोपाल ई.एम.ई सेंटर, महऊ, बैतूल, जबलपुर, इन्दौर, होशंगाबाद, ग्वालियर, कोटा, जयपुर, अजमेर, भरतपुर आदि के  व्यापारिक सामरिक एवं शैक्षणिक संस्थान सीधे जुड़ जायगी। इसके के अलावा दोनों जनपदों के कटरी क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भौगोलिक बदलाव आएगा बाढ़ आपदाओं पर भी अंकुश लग सकेगा । इस रेलवे लाइन के निर्माण के लिए भारतीय उपभोक्ता संरक्षण मंच ने मुहिम चला रखी है।