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शनिवार, 16 दिसंबर 2017

सिक्के लेने से जो करे इंकार, कलेक्टर का आदेश दर्ज करो उस पर एफआईआर

रायपुर 16 दिसंबर 2017 (जावेद अख्तर). रायपुर व छग के लगभग सभी क्षेत्रों में सिक्कों को लेकर भ्रांति बनी हुई है जिसके चलते व्यापारी और दुकानदार सिक्के लेने से मना कर रहे। वहीं सोशल मीडिया पर दस रूपये के सिक्के को लेकर, असली नकली सिक्कों में अंतर तथा रिजर्व बैंक आफ इंडिया द्वारा सिक्कों को बंद करने आदि जैसी झूठी अफवाह व भ्रामक जानकारियां प्रचारित प्रसारित की गई, जिसका असर बाजार एवं आम लोगों पर भी पड़ा और अधिकांशतः दुकानदारों ने दस रूपये के सिक्कों को लेना बंद कर दिया।


इस पर रायपुर व अन्य क्षेत्रों के कुछेक व्यापारियों व दुकानदारों से बातचीत की गई जिस पर उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई झूठी अफवाह व भ्रामक जानकारी के चलते ही लोगों ने दस रूपये के सिक्के लेना बंद कर दिया। वहीं इन सिक्कों को कई बैंकों ने लेने से इंकार कर दिया, ऐसी सूरत में हमने भी सिक्कों को लेना बंद कर दिया।

हालांकि राजधानी के शहरी क्षेत्र में काफी सारे व्यापारी और दुकानदार दस रूपये के सिक्कों का आदान-प्रदान सहजता से करते पाए गए। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके सामने ऐसी समस्या नहीं आई, हां मगर कुछेक लोग सिक्कों को लेने से हिचकिचाते जरूर हैं जिन्हें समझाना पड़ता है, जिसके बाद वे सिक्के ले लेतें हैं। सिक्कों को लेकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या विकट रूप धारण कर चुकी है क्योंकि ज्यादातर ग्रामीण और इन इलाकों के छोटे बड़े सभी दुकानदार दस रूपये के सिक्के लेतें ही नहीं है, चाहे जितना भी समझाया जाए या जानकारी दी जाए मगर वे सिक्कों को लेने से इंकार करते हैं। राजधानी ही नहीं बल्कि अन्य जिले, तहसील, ब्लाक एवं गांवों में दस रूपये के सिक्कों को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां फैली हुई है। 

अतः प्रशासन को गंभीरता से विचार कर कोई सार्थक कदम उठाना चाहिए, आम लोगों और व्यापारियों व दुकानदारों तक सार्वजनिक रूप से सिक्कों से संबंधित जानकारियां पहुंचाना आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों में जागरूकता आए और सिक्के चलन में आ सकें। तो वहीं सिक्के लेने से मना करने पर कुछेक लोग व व्यापारी और दुकानदारों पर कार्रवाई की जाए तथा सख्ती से निपटा जाए तो ही सिक्कों का चलन बाजार व बैंकों में बढ़ेगा।

रायपुर में पाया गया कि विशेषकर पेट्रोल पंप, बड़े मेडिकल स्टोर, शापिंग माल एवं रेस्टोरेंट में तो दस रूपये के सिक्के लिए ही नहीं जा रहे या समझिए कि प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन को अपने तरीके से इन सभी से निपटना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इंडियन करेंसी एक्ट के उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले इन्हीं संस्थानों पर पाए गए। 

कलेक्टर ने जारी किया आदेश पत्र -
रायपुर कलेक्टर द्वारा पत्र क्रमांक/359/स्टेनो/अ.कले.रा./2017 दिनांक 09/10/2017 को समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारी, समस्त तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, समस्त थाना प्रभारी, रायपुर को इंडियन करेंसी लेने से इंकार करने पर आपराधिक मामला दर्ज करने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि दिनांक 06 नवंबर 2017 को जनसुनवाई/जनदर्शन के दौरान ज्ञापन के माध्यम से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि बाजार तथा बैंकों में सिक्के लेने से इंकार किया जा रहा है। जो इंडियन करेंसी एक्ट 2006 की धारा-6 का उल्लंघन है, इस एक्ट के अन्तर्गत अपराध बनता है। इसलिए बाजारों में भ्रमण करके एवं बैंकों में पहुंचकर ये सुनिश्चित करें कि सिक्कों को लेने से कोई बैंक, व्यापारी अथवा दुकानदार इंकार न करे। यदि ऐसा कोई शिकायत सूचना या मामला सामने आता है तो विधिवत एफआईआर दर्ज करें एवं आरोपी के विरूद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। 

वहीं कलेक्टर ने जानकारी देते हुए कहा है कि रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने सिक्कों को बंद नहीं किया है, सिक्के पूरी तरह से वैध है। सोशल मीडिया पर सिक्कों को लेकर तमाम तरह के झूठ प्रचारित किए गए हैं अतः ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें। समस्त व्यापारी अथवा दुकानदार सिक्कों का आदान-प्रदान करें। जो भी बैंक सिक्के लेने से मना करे तत्काल शिकायत दर्ज कराए तथा कलेक्टर को सूचना भेजें। कार्यवाही अवश्य की जाएगी। सभी से अपील करते हुए कलेक्टर ने कहा कि अगर कोई भी व्यापारी अथवा दुकानदार सिक्के लेने से इंकार करता है तो तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इस तरह के मामलें को बिल्कुल भी अनदेखा न करें क्योंकि यह भारतीय मुद्रा से जुड़ा हुआ मामला है अतः जिम्मेदार नागरिक बने और प्रशासन का सहयोग करें। 

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