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शुक्रवार, 6 अक्तूबर 2017

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करेंगी राज्य सरकार के विरूद्ध आठ दिनों की हड़ताल


रायपुर 04 अक्टूबर 2017 (जावेद अख्तर). आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में पौने दो लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य सरकार के विरूद्ध आठ दिनों की हड़ताल करने जा रही है। सरकार श्रम कानून के अनुसार भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उचित वेतन नहीं दे रही है। भाजपा सरकार पूरी तरह से पूंजीपतियों की सेवा करने वाली सरकार बन चुकी है।

दरअसल प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभी भी चार हजार रूपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जबकि केंद्रीय सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मी घोषित करने की गाइडलाइंस के आदेश दे दिए हैं। बावजूद इसके राज्य की भाजपा सरकार ने आज तक उक्त आदेश का पालन नहीं किया है। जबकि सबसे बड़ा प्रश्न ये है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सिर्फ 4 हजार रूपए प्रतिमाह वेतन में अपना व अपने परिवार का गुज़ारा कैसे करें। वहीं जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है तब से दिक्कतें कई गुना अधिक हो गई है, नोटबंदी के चलते मार्केट ध्वस्त हैं और दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ती जा रही है। आज की कमरतोड़ महंगाई में 4 हजार की रकम से कैसे एक परिवार का गुजर बसर हो सकता है। सरकार श्रम कानून के अनुसार भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उचित वेतन नहीं दे रही है। भाजपा सरकार पूरी तरह से पूंजीपतियों की सेवा करने वाली सरकार बन चुकी है। 

वर्ष 2017 रमन  सरकार के लिए मुसीबतों का साल साबित हो रहा है। अभी तक में जहां शिक्षा कर्मी आंदोलन, आदिवासी आंदोलन, सतनामी समाज आंदोलन, विधानसभा घेराव, शिक्षा मंत्री और कृषि मंत्री के प्रकरण, पाठ्य पुस्तक निगम और सीएसईबी को लेकर मामले उठे। आउटसोर्सिंग के चलते पहली बार रमन सरकार के खिलाफ छत्तीसगढ़िया वर्ग विरोध में उतरा तो वहीं पिछले माह सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जन आंदोलन और लगभग 12 लाख किसानों ने सड़क पर उतर कर किसान आंदोलन किया, कांग्रेस, आप और छजकां सहित लगभग दो दर्जन किसान संगठनों ने अपना समर्थन दिया, संभवतः इससे भयभीत होकर ही तीन सौ रूपये धान बोनस किसानों को दिया गया। आज पूरे प्रदेश स्तर पर लगभग दो लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एकसाथ हड़ताल पर बैठ गये। जिसमें सत्तर फीसदी महिला शेष पुरूष कर्मी शामिल हैं। क्योंकि तीन दिनी बंद कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दस सूत्रीय मांगों को लेकर अड़ गईं हैं। वहीं छग के पूरे मीडिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के हड़ताल को लेकर खबरें चल रही हैं जिसने अब फिर से रमन सरकार की हार्ट बीट बढ़ा दी है। वहीं इंटक के भी लगभग दस हजार कार्यकर्ता हड़तालि‍यों के साथ बैठ गये हैं। 

 

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