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इंद्रमणि कोल इंडिया के ठिकानों पर इन्‍कम टैक्स के छापे, संचालक के साथ कृषि मंत्री के भाई भी फंसे

रायपुर 27 सितंबर 2017 (जावेद अख्तर). आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंद्रमणि कोल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संचालक सुनील अग्रवाल के तेलीबांधा स्थित ऐश्वर्या रेसीडेंसी में घर और आफिस समेत कोरबा, दीपका, बेलतरा और रायपुर स्थित कोलवाशरी पर आयकर टीम ने सुबह साढ़े पांच बजे 100 से ज्यादा अधिकारियों की टीम के साथ एकसाथ दबिश दी।


टीम ने कंपनी के मैनेजर पंकज अग्रवाल के रायपुर के अशोका रत्न में स्थित निवास और यशवंत अग्रवाल के रायपुर के रामसागरपारा में स्थित यशोबल कॉम्प्लेक्स में स्थित निवास में भी दबिश दी। आईएमआईपीएल के अकलतरा स्थित ग्रीन फिल्म प्राइवेट फ्रिगेट टर्मिनल रेलवे साइडिंग और कोरबा जिले के हरदी बाजार में स्थित केजेएसएल कोल एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड की कोलवाशरी को भी इन्कम टैक्स की इन्वेस्टीगेशन विंग ने कवर किया। केजेएसएल कोल एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इंद्रमणि मिनरल्स की फर्म है। टीम को कई अहम जानकारियों मिली साथ ही कई अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गोपनीय दस्तावेज़ भी मिले, जिनकी भी जांच की जा रही है।

करोड़ों की अफरा-तफरी पकड़ाई - 
आयकर विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार,  दरअसल कंपनी में सुनील कुमार अग्रवाल, प्रकाशचंद्र अग्रवाल, पंकज अग्रवाल और जितेंद्र सिंह हेड-डायरेक्टर हैं इसीलिए चारों डायरेक्टर और इससे जुड़े सभी बिज़नेस एसोसिएट्स के 15 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। विभाग ने ये कार्रवाई कोल वाशरी में करोड़ों रूपए की टैक्स चोरी के मामले में की है। इनसे जुड़े तमाम दस्तावेजों की पड़ताल में करोड़ों की अफरा-तफरी और कई सौ करोड़ के बोगस दस्तावेज़ भी पकड़ाये हैं। दस्तावेजों की पड़ताल में कोलकाता में बोगस कंपनियां बनाकर लेन-देन किए जाने की जानकारी सामने आई, जांच के लिए आयकर विभाग ने कोलकाता में भी अपनी टीम भेजी है। 

दस्तावेज़ों से पकड़ में आया यशवंत अग्रवाल - 
इंद्रमणि मिनरल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में इन्कम टैक्स की दबिश के बाद कई अहम खुलासे हुए हैं। कंपनी के संचालक सुनील अग्रवाल का मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के भाई यशवंत अग्रवाल से बेहद करीबी बिजनेस रिलेशन हैं। बिजनेस डील के तहत कुछ अहम दस्तावेज भी मिले। उन दस्तावेजों के आधार पर इन्कम टैक्स की इनवेस्टिगेशन टीम य़शवंत अग्रवाल के ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेजों की पड़ताल में जुट गई। यशवंत अग्रवाल के यहां से भी दस्तावेज़ पकड़ाये जिसमें टैक्स चोरी कर करोड़ों रूपये की हेराफेरी सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार कृषि कृषि मंत्री की भी मुसीबतें बढ़ सकती हैं क्योंकि कृषि एवं जल संसाधन विभाग में किये गये घोटालों के भी कई दस्तावेज मिले हैं। 


3 कंपनियों का डायरेक्टर है मंत्री का भाई - 
प्रारंभिक इनवेस्टिगेशन में ये बातें सामने आई कि रमन कैबिनेट में कृषि, धर्मस्व एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के भाई यशवंत अग्रवाल हैं। मामला उस समय से गरमाया जब छापामारी के दौरान कृषि मंत्री के भाई यशवंत अग्रवाल का नाम सामने आया। ये जानकारी बाहर आते ही प्रदेश की राजनीति में एवं आमजनों के बीच में खासा चर्चा का विषय बना रहा क्योंकि प्रदेश में पहली बार आयकर विभाग ने सत्तासीन दल के प्रमुख मंत्री के सगे संबंधी के निवास एवं आफिस में छापा मारा है। दो दिनों से ये कौतूहल का विषय बना हुआ है। आयकर विभाग द्वारा बताया गया कि यशवंत अग्रवाल के नाम पर तीन कंपनियों के दस्तावेज मिले।
1. विश्व भारती लाॅजिस्टिक प्राइवेट लिमिलेड
2. विश्व भारती इंफ्राकाॅन प्राइवेट लिमिटेड
3. सांभवी एनर्जी एंड कोल बेनेफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड

बराबर मिल रही थी शिकायतें - 
इन्कम टैक्स कमिश्नर प्रेगनेंस दास ने बताया की यह कार्रवाई 3 से 4 दिन तक और चल सकती है प्राथमिक जांच में ही करोड़ों रुपए के गड़बड़ी और निवेश से संबंधित पेपर हाथ लगे हैं। भोपाल स्थित मुख्यालय से भी इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। जांच में कंप्यूटर दस्तावेज इन्कम टैक्स रिटर्न के पेपर स्टॉक सेल परचेज और उनके विभिन्न लेन-देन और संपत्तियों की जांच की जा रही है। कोल कारोबारी के खिलाफ पिछले काफी समय से आयकर विभाग को शिकायतें मिल रही थी आयकर रिटर्न में भी लगातार गड़बड़ी मिलने के बाद छापेमारी की गई। इस बड़ी कार्यवाही में इन्कम टैक्स कमिश्नर लगातार निगरानी कर रहे हैं।