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सोमवार, 25 सितंबर 2017

जांजगीर में सूदखोरों ने इस कदर किया परेशान, पीड़ित ने जनता दर्शन में ही ले ली अपनी जान

जांजगीर चांपा 24 सितंबर 2017 (रवि अग्रवाल). जांजगीर में एक युवक को सूदखोरों ने इस कदर परेशान कर दिया था कि उसने कलेक्टर के जनदर्शन में ही ज़हर पीकर आत्महत्या कर लिया। जनदर्शन के दौरान ज़हर पीने की जानकारी होते ही कलेक्टर परिसर में हड़कंप मच गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सूदखोरी ने ली और एक गरीब की जान - 
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, युवक का नाम जगदीश बघेल आयु 45 वर्ष लगभग है, जो जांपा के कुरदा गांव का रहने वाला है। जगदीश बघेल छोटा किसान था तथा खेती किसानी के अलावा अन्य छोटे मोटे कार्य करके परिवार का भरण-पोषण करता था। जगदीश सूदखोरी की वजह से तंग होकर ही अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर जनदर्शन में अकेला पहुंचा था। मगर अचानक ही उसने ज़हर का सेवन कर लिया, आसपास खड़े लोगों को जब तक कुछ सूझता तब तक में जगदीश जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। वहां से आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी है। 

जिला कलेक्ट्रेट में सुसाइड में मौत का पहला मामला - 
जांजगीर चांपा जिले के कलेक्ट्रेट दफ्तर में सुसाइड का ये पहला मामला है, जिसमें किसी की जान चली गयी है। इससे पहले अन्य मामलों में सुसाइड की कोशिश होती रही मगर किसी की भी मौत नहीं हुई थी। जगदीश की मौत होने के बाद से पूरे कलेक्ट्रेट परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। फिलहाल जिले की पुलिस को अब होश आया है अतः इस मामले की गंभीरता के साथ जांच शुरू कर दी है।

दस लाख का था कर्ज़दार - 
हैरानी की बात है कि छोटे मोटे काम करने वाले जगदीश बघेल पर करीब 10 लाख रूपये का कर्ज था। ये कर्ज उसने अलग-अलग लोगों से ले रखा था। इस मामले में उसने 2015 में थाने में भी शिकायत की थी। उसने एक चेक भी दिया था लेकिन वो भी बाउंस हो गया था।

कई अनसुलझे प्रश्न छोड़ गया जगदीश - 
हालांकि अभी तक साफ तौर पर ये पता नहीं चल पाया है कि मृतक जगदीश ने इतनी बड़ी रकम सूदखोरों से किस काम के लिए लिया था और रकम के बदले में बतौर गारंटी, जमानत के लिए, उसने सूदखोरों के पास क्या रखा था, जमीन या घर के दस्तावेज या फिर अन्य कुछ। वहीं कितने लोगों से कितना कितना रकम ले रखा था? और कर्ज़ की रकम पर ब्याज की दरें कितनी थी ? ब्याज प्रति सप्ताह के हिसाब से देना था या फिर मासिक ? क्या ये भी हटकी कर्ज़ का मामला है ? जिन्होंने जगदीश को ब्याज दर पर रकम दी थी, क्या उनके पास इसका लाइसेंस है ? फिलहाल अभी कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। पुलिस की जांच के बाद ही जगदीश से संबंधित सभी प्रश्नों का एवं आत्महत्या करने के कारण का पूरा सच बाहर आएगा। 


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