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सोमवार, 11 सितंबर 2017

मस्तुरी थाने की लापरवाही की कीमत महिला को जान देकर चुकानी पड़ी

बिलासपुर 11 सितंबर 2017 (रवि अग्रवाल). मस्तूरी थाना पुलिस की गंभीरता को लेकर अक्सर सवाल खड़े हुए है चाहे वह ममता खांडेकर हत्याकांड की बात हो या क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री, जुआ, सट्टा की बात हो, सभी मामले में मस्तुरी पुलिस निकम्‍मी साबित हुए है। तीन दिन पहले मस्तुरी पुलिस की लापरवाही के चलते एक महिला को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। अगर वक्त रहते पुलिस शिकायत को गंभीरता से लेती और चौकन्ना हो जाती तो यकीनन आज महिला जीवित होती।

थाने में शिकायत, आरोपियों ने कर दी हत्या - 
ग्राम किसान परसदा में घर घुसकर एक महिला से आरोपी ने छेड़खानी की जिस पर पीड़िता द्वारा शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया परंतु पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। वहीं दूसरी तरफ एफआईआर दर्ज होने से गुस्साए आरोपी ने अगले ही दिन शनिवार को महिला की सास पर रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया। वहीं हत्या के बाद पुलिस को होश आया तो तुरंत आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है मगर अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। 

क्या है मामला - 
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्राम किसान परसदा निवासी बहुरा बाई पति स्व. गोविंद रात्रे (45) मजूदर थी। उसका बड़ा बेटा ओमप्रकाश बिलासपुर स्थित एक हॉटल में रहकर नौकरी करता है। छोटा बेटा ग्राम भिलाई स्थित स्कूल में पढ़ता है। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बहुरा बाई उपचार कराने अस्पताल गई थी। उसने रिश्ते के भतीजे लक्ष्मी भास्कर पिता हीरालाल को घर में बहु के अकेली होने की बात कहते हुए देखरेख करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
लक्ष्मी भास्कर ने बहुरा की बहु को घर में अकेली पाकर उसके साथ छेड़खानी की थी। शोर मचाने पर वह भाग गया था। दोपहर करीब 1 बजे बहुरा बाई वापस घर पहुंची तो बहु ने उसे घटना की जानकारी दी। वह बहु के साथ लक्ष्मी के घर गई और शिकायत की मगर लक्ष्मी भास्कर के परिजन उल्टा आरोप लगाने लगे जिससे विवाद किया था। इसके बाद बहुरा बाई, बहु के साथ थाना पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 452, 354 के तहत अपराध दर्ज कर किया था।

रास्ता रोककर किया रॉड से हमला - 
शनिवार सुबह करीब 7 बजे बहुरा बाई पानी भरने गई थी। आरोपी ने उसका रास्ता रोक लिया और एफआईआर दर्ज कराने की बात पर विवाद करने लगा। लक्ष्मी ने उसे जेल भिजवाने की बात कही, जिससे आरोपी को गुस्सा आ गया, उसने पास रखे लोहे के रॉड से बहुरा बाई के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले से जमीन पर गिरने के बाद उसने बहुरा बाई के मुंह में रॉड घुसा दिया जिससे उसकी जीभ कट गई और दांत टूट गए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। बहुरा बाई के भाई छहुरा भास्कर पिता गेंदराम ने संजीवनी 108 को बुलवाकर उसे सिम्स भेजा, जहां कुछ देर के बाद उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने बरती लापरवाही जिससे गयी महिला की जान - 
मस्तूरी पुलिस नेशनल लोक अदालत के लिए जारी समंस को तामिल करने में व्यस्त थी। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज करने के बाद आरोपी के संबंध में ग्रामीणों से फोन पर पूछताछ की। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी फरार हो गया है। पुलिस शाम करीब 5 बजे गांव पहुंची और आरोपी के संबंध में पूछताछ करने के बाद लौट आई। इसके बाद मस्तूरी पुलिस ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। शनिवार सुबह आरोपी ने बहुरा बाई से एफआईआर दर्ज कराने का बदला लेने के लिए उसे मौत के घाट उतार दिया।

हत्या के बाद जाग गई पुलिस - 
मस्तूरी पुलिस ने छेड़खानी के आरोपी को पकड़ने में शुक्रवार को सतर्क नहीं थी। पुलिस मामले को साधारण घटना मानकार ठंडे बस्ते में डाल दिया था। शनिवार को आरोपी द्वारा बहुरा बाई की हत्या करने की खबर से पुलिस सकते में आ गई। आनन फानन में पुलिस ग्राम किसान परसदा पहुंचकर आरोपी की तलाश शुरू की। वहीं घटना के बाद छुट्टी पर चल रहे मस्तूरी टीआई एल.सी. मोहले भी तत्काल सिम्स पहुंचे।

पुलिस की भूमिका पर भी लगा सवालिया निशान -
मस्तूरी थाना क्षेत्र में साल भर के अंदर अपराधों के ग्राफ में खासी बढ़त हो गई है। उक्त हत्याकांड के बाद ग्रामीणों में खासा आक्रोश पुलिसया कार्यवाही को लेकर है। मस्तुरी में प्रदेश का सबसे बड़ा जुआ रैकेट चलता था जिसने गृह विभाग तक में हलचल मचा दी थी। मगर मस्तुरी पुलिस लापरवाह बनी रही। तत्पश्चात पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप और स्पेशल टीम गठित कर भेजी गई तब कहीं जाकर जुआ रैकेट पकड़ाया था।
पूर्व में जुआ रैकेट की तलाश में दूसरे जिले की पुलिस टीम ने रेड किया था। कहा जाता है कि पुलिस रेट में करोड़ो का जुआ पकड़ाया था मगर बरामदगी लाखों की दिखाई गई थी। हालांकि इस रेट के बाद से जुआ रैकेट और जुआरी सतर्क हो गए थे। एक और मामले में मस्तूरी पुलिस की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगे। ग्राम खैरा निवासी एक दलित युवक ने कुछ रसूखदारों और मस्तूरी पुलिस की प्रताड़ना का पूर्ण विवरण सुसाइड नोट में किया था। मगर कुछेक पुलिस के आलाअफसरों के दबाव के कारण मामला दबा दिया गया। बताया जाता है कि उस सुसाइड नोट में पुलिस द्वारा एक लाख रुपये की डिमांड के चलते सुसाइड करना लिखा था। इस घटना के कुछ माह ही फिर से एक बार मस्तूरी पुलिस की उदासीनता और लापरवाही के चलते आरोपी को गिरफ्तारी नहीं किया गया जिसकी वजह से छेड़छाड़ के आरोपी का हौसला इतना बढ़ गया कि उसने अपराध दर्ज करवाने वाली महिला के परिजन को खुलेआम गांव के बीचोंबीच में मौत के घाट उतार दिया। 

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