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शनिवार, 1 जुलाई 2017

छत्‍तीसगढ - एक मत रिजेक्ट और अविश्वास प्रस्ताव हुआ ध्वस्त

कवर्धा 30 जून 2017 (रवि ग्वाल). कवर्धा के गंडईकला में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बड़े ही अजीबो गरीब नाटकीय ढंग से खेल चला कि प्रस्ताव के बाद से अचानक ही 10 पंच गायब हो गए थे, जो मतदान के समय गांव पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीण और पुलिसकर्मियों के बीच काफी झूमाझटकी हुई जिसमें पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग किया। वहीं बहुमत साबित नहीं हो सका और अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया।

ग्रामीण और पुलिस के बीच हुई झड़प - 
गंडईकला में अविश्वास प्रस्ताव के मतदान के दौरान काफी गहमागहमी का माहौल रहा। ग्रामीण व पुलिसकर्मियों के बीच जमकर झूमा झटकी हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ करने भी कोशिश की तो वहीं पुलिस ने ग्रामीणों पर बल का उपयोग किया। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती कर दी गई और पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया, देर शाम तक गांव में पुलिस की तैनाती रही।

1 रिजेक्ट मत के चलते निरस्त हुआ अविश्वास प्रस्ताव - 
यहां पर सरपंच के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव के लिए 10 पंचों ने आवेदन किया था। इसके लिए 10 मत सरपंच के विरूद्ध होना था, लेकिन नहीं हो सका। सरपंच के पक्ष में तीन मत पड़े, जबकि विपक्ष के 10 में से 9 मत पड़े और 1 मत रिजेक्ट हो गया। रिजेक्ट मत के चलते निर्वाचन अधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव को ध्वस्त करार दिया। इस नाटकीय कार्यक्रम का नतीजा पूरी तरह शून्य रहा। जबकि अविश्वास प्रस्ताव में बहुमत साबित करने के लिए 10 पंचों को गायब कर दिया गया था। लेकिन अंत में एक मत रिजेक्ट होने से पूरा पलड़ा सरपंच का भारी हो गया। यह पंचायत चुनाव पूरी तरह से राजनीतिक रूप से हावी रहा। सरपंच प्रतिनिधि तुकाराम ने बताया कि विपक्ष को पूरी तरह भाजपा पदाधिकारियों का सपोर्ट था, बावजूद अविश्वास प्र्रस्ताव ध्वस्त हो गया।

एक पखवाड़ा पूर्व यहां के 10 पंचों ने सरपंच नरेंद्र चंद्रवंशी के विरूद्ध एसडीएम के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद एसडीएम द्वारा 30 जून को अविश्वास प्रस्ताव साबित करने के लिए तिथि घोषित कर दी। इसके दूसरे ही दिन सभी 10 पंच गांव से गायब हो गए। पुलिस अधीक्षक और एसडीएम से पंच के अपहरण किए जाने की शिकायत भी हुई, जांच के आदेश हुए। पंचों की खोजबीन जारी रही, लेकिन नहीं मिले।

मतदान के समय पहुंचे गायब पंच -
निर्वाचन की स्थिति को भांपते हुए गांव में तगड़ी पुलिस व्यवस्था की गई। मतदान के समय सभी गायब 10 पंच अचानक पुलिस की सुरक्षा के साथ गांव पहुंचे। इससे गांव का माहौल ही बदल गया। परिजन पंचों से मिलने पहुंचे लेकिन उन्हें पुलिस ने रोक दिया, जिससे वे आक्रोशित हो गए और दोनों के बीच झूमा-झटकी हुई। काफी जद्दोजहद के बाद पंच मतदान के लिए पहुंचे। 

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