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मंगलवार, 20 जून 2017

बिलासपुर विवि कुलसचिव के खिलाफ महाविद्यालय चेयरमैन ने ठोंका 10 करोड़ मानहानि का दावा

बिलासपुर 20 जून 2017 (जावेद अख्तर). छत्तीसगढ़ में बिलासपुर न्यायधानी के रूप में विख्यात है क्योंकि यहां पर छग माननीय उच्च न्यायालय स्थिति है, हाल फिलहाल 'विवि के कुलसचिव पर दस करोड़ की मानहानि' न्यायधानी में खासा चर्चा का विषय है। दरअसल बिलासपुर विश्वविद्यालय कुलसचिव ने डीएलएस महाविद्यालय के स्टाफ द्वारा नैक टीम के साथ दुर्व्यवहार करने का बयान दिया था। जिस पर अब चेयरमैन द्वारा पूर्वाग्रह से ग्रस्त कुलसचिव के बयान देने का आरोप लगाते कुलसचिव को दस करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा है।


मामले में न्यायधीश हेमन्त रात्रे की कोर्ट में बयान दर्ज किया गया है। महाविद्यालय के कम्प्यूटर विभाग प्राध्यापक रमेश लाल और कामर्स प्राध्यापक एम.एस परिहार दोनों गवाहों का भी बयान दर्ज हुआ है। 

कुलसचिव पर आरोप, महाविद्यालय को बदनाम करने का प्रयास - 
डीएलएस महाविद्यालय चेयरमैन बसंत शर्मा ने बिलासपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव इन्दू अनंत पर छवि को धूमिल करने के अलावा महाविद्यालय के मान सम्मान को धक्का पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट से कुलसचिव के नाम नोटिस भेजते हुए दस करोड़ रूपए मानहानि का दावा किया है, साथ ही संबधित विभागों को भी पत्र भेजा है। चेयरमैन शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय ने नैक टीम को ग्रेडेशन के लिए बुलाया मगर कुलसचिव ने नैक टीम को गुमराह किया और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। कुलसचिव के बयान से छात्रों की मानसिकता पर गलत प्रभाव पड़ा है तथा महाविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंची है, प्रदेश में महाविद्यालय की एक प्रतिष्ठा है। जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को झूठे मामलों से बचना चाहिए। 

मामले पर एक नज़र - 
मालूम हो कि महाविद्यालय के बुलावे पर नैक की टीम दो दिवसीय दौरे पर बिलासपुर पहुंची थी। 1 और 2 जून को नैक की टीम ने डीएलएस महाविद्यालय का निरीक्षण किया, निरीक्षण पश्चात नैक टीम होटल चली गयी। देर रात टीम के सदस्यों ने बिलासपुर विश्वविद्यालय कुलसचिव इंदु अनंत को बताया कि महाविद्यालय स्टाफ ने टीम के साथ दुर्व्यव्यवहार किया है।

एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप - 
बिलासपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव इंदू अनंत ने मीडिया को बयान दिया कि नैक टीम के साथ होटल मेरियाट में महाविद्यालय स्टाफ ने दुर्व्यव्यवहार किया है जो कि अफसोसजनक है। नैक टीम की शिकायत को ऊपर तक पहुंचाया जाएगा। जबकि डीएलएस चेयरमैन बसंत शर्मा का कहना है कि नैक टीम के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया। हां, कुछ मामलों के लेकर मतभेद थे, जैसा कि होता रहा है। हमने नैक टीम को बुलाया और हम ही उनके साथ अभद्र व्यवहार कैसे कर सकते हैं। टीम के सदस्यों की प्रतिष्ठा के अनुसार सम्मान दिया गया। 


* फिलहाल अभी तक बसंत शर्मा द्वारा कोर्ट से जारी नोटिस नहीं मिली है। मामला क्या है इसकी भी जानकारी नहीं है। नोटिस मिलने के बाद जवाब दिया जाएगा। नैक टीम के साथ कैसा व्यवहार हुआ है। आप टीम से स्वयं पता कर सकते हैं कि क्या सच है और क्या झूठ ? - इंदू अनंत, कुलसचिव, बिलासपुर विश्वविद्यालय 


* कुलसचिव द्वारा मीडिया में दिए गए बयान से उनकी छवि और महाविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंची है। वकीलों से परामर्श के बाद विवि कुलसचिव पर दस करोड़ की मानहानि के दावे की नोटिस को भेज दिया गया है। 12 घंटे के भीतर यदि इंदू अनंत गलती स्वीकार नहीं करती हैं तो उन्हें 10 करोड़ का भुगतान करना होगा। - बसंत शर्मा, चेयरमैन, डीएलएस महाविद्यालय 


* जब नैक की टीम आई, मैं छुट्टी पर था। वापस आने के बाद मामले को समझा और कार्रवाई भी हो रही है। फिलहाल मुझे नोटिस की जानकारी नहीं है और न ही मानहानि के बारे में कुछ पता है। - प्रो. गौरी दत्त शर्मा, कुलपति 

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