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सोमवार, 3 अप्रैल 2017

काले कपड़े पहन कर किया धरना प्रदर्शन, बाइक रैली निकाल कर फूंका सीएम का पुतला

छत्तीसगढ़ 03 अप्रैल 2017 (जावेद अख्तर). छग राज्य सरकार द्वारा शराब बेचने और शिक्षित बेरोजगारों को इन शराब दुकानों पर बैठाने के निर्णय के खिलाफ राजधानी रायपुर, न्यायधानी बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो रहा है। इसी क्रम में रायगढ़ के युवा जनता कांग्रेस (जे) के पदाधिकारियों ने विरोध स्वरूप आंदोलन में​ काले वस्त्र धारण कर धरना प्रदर्शन किया, बाईक रैली निकाली तथा छग मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का पुतला दहन किया गया।


शिक्षित बेरोजगारों को शराब दुकान में बैठाकर उनसे शराब की बिक्री कराने को लेकर छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कार्यकर्ताओं​ ने 'ब्लैक डे' मनाते हुए सड़क पर ही शराब की बोतलें​ रख रमन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की गई। सभी नये खुलने वाले दुकान के सामने जाकर जकांछ के कार्यकर्ताओं​ ने प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। 

बेरोजगारों के साथ भद्दा मज़ाक -
जकांछ के पदाधिकारियों का कहना है कि 01 अप्रैल जिसे विश्व सहित भारत में भी मजाक दिवस के 'अप्रैल फूल' के रूप में मनाया जाता है, वहीं छग में रमन सरकार ने भी यहां के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के साथ बहुत ही अच्छा मज़ाक किया है। छग की पहचान औघोगिक प्रदेश के रूप में होती है मगर यह बेहद आश्चर्य करने वाला सत्य है कि आज भी राज्य में 60-65 प्रतिशत युवा अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद रोज़गार की तलाश में दर-दर भटक रहा है। श्रेष्ठ शिक्षा दीक्षा ग्रहण करने के बाद आज इन बेरोजगारों में से कुछ युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है और वह भी शराब बेचने की। इससे बड़ा और बेहूदा मज़ाक क्या होगा जब एक इंजीनियरिंग किया हुआ छात्र शराब दुकान में दारू बेचते नज़र आएगा​।

तख्तियों पर लिखकर जताया विरोध -
नई शराब नीति का पूरे छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता ब्लैक डे के रूप मे करते हुए काले कपड़े पहनकर नारेबाजी कर हाथों में "न लिख न पढ़, दारू पी अउ लड़", "शराब जीत गई, जनता हार गई" "रमन सरकार निराली है, अध्धी पौव्वा वाली है" के तख्तियों के साथ स्थानीय रामनिवास टाकीज चौक के पास जोरदार प्रदर्शन किया गया। ज़िला संयोजक व युवा जकांछ के संभाग प्रभारी के नेतृत्व में सुबह 11 बजे से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान संभाग प्रभारी का कहना था कि शराब बेचने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। यहां के लोगों का शोषण करना ही रमन सरकार की प्राथमिकता रही है। रमन सरकार छत्तीसगढ़ के शिक्षित बेराजगारों से अब शराब बेचवाएगी, जो की पूरी तरह से गलत है। उद्योगों व अन्य स्थानों पर उन्हें नौकरी नहीं दी जा रही है और शराब बेचने के लिए उनकी भर्ती की गई है। जनहित को ध्यान में रखते हुए जकांछ द्वारा इसका विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

ज्ञापन खिलाया गौ माता को  - 
ज्ञापन राज्यपाल के नाम, ज़िला अध्यक्ष को सौंपना था, परंतु रमन सरकार की बेलगाम नीतियों व भ्रष्टचारों पर राज्यपाल ने आज तक कोई टीका-टिप्पणी नहीं की है। जबकि छग सरकार के ही आंकड़े बतातें हैं कि शराब के चलते प्रदेश में सबसे अधिक मौतें हो रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब छग सरकार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक के आदेश को नहीं मानती है और अपने अनुसार काम करने पर उतारू है तो ज्ञापन देने से फायदा क्या होगा, इसीलिए​ गौ-माता को ज्ञापन सौंप दिया ताकि गौ-माता छत्तीसगढ़ सरकार को सद्बुद्धि दे। 

सीएम के साथ कांग्रेस का भी पुतला दहन - 
कथनी और करनी में बहुत फर्क होता है वह रायगढ़ में देखने को मिला। एक मुख्य विपक्षी दल के कार्यकर्ता द्वारा शराब हेतु कमरा दिया गया जब उसी पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा विरोध किया गया तो उसके ऊपर कार्यवाही करने हेतु पुलिस को बोला गया। भाजपा और कांग्रेस की नूरा-कुश्ती इस मामले में ऊजागर हो गयी। इसलिये कार्यकर्ताओं द्वारा सीएम के साथ ही कांग्रेस का भी पुतला दहन किया गया। युवा जकांछ के विरोध स्वरूप आंदोलन को शिवसेना, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ताओं​ सहित बड़ी संख्या में आमजन द्वारा अपना समर्थन दिया और धरना स्थल पर उपस्थित हुए। विरोध प्रदर्शन के दौरान ज़िला संयोजक सहित तमाम अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।



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