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शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017

मसाज कर रही विदेशी युवतियों को पुलिस ने क्विट इंडिया के तहत थमाया नोटिस

छत्तीसगढ़ 20 अप्रैल 2017 (जावेद अख्तर). छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बिज़नेस वीज़ा लेकर स्पा सेंटरों में काम करने वाली 20 विदेशी युवतियों को क्विट इंडिया (भारत छोड़ने) का नोटिस जारी किया गया। इन पर वीज़ा नियमों का उल्लंघन करते हुए रायपुर में रहने का आरोप है। युवतियों के पास बिज़नेस वीज़ा था, लेकिन यहां स्पॉ सेंटरों में मसाज का काम करती पाई गईं। यह बिज़नेस वीज़ा की शर्तों का उल्लंघन है।

जानकारी के अनुसार अधिकांशतः युवतियां थाईलैंड, फिजी, फिलीपींस तथा इंडोनेशिया की रहने वाली हैं। उल्लेखनीय है कि भिलाई में कुछ महीने पहले ही स्पा पार्लर में काम करने वाली एक विदेशी युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद प्रदेश के सभी स्पा पार्लरों में काम करने वाली युवतियों के दस्तावेज़ मंगाए गए थे। जांच में वीज़ा नियमों के उल्लंघन तथा वीज़ा की अवधि समाप्त होने का खुलासा हुआ, इसके बाद रायपुर पुलिस ने विदेशी युवतियों को भारत छोड़ने के अन्तर्गत नोटिस दिया गया है।

3-4 वर्षों में बढ़ी स्पा पार्लरों की संख्या -
राजधानी रायपुर में लगभग 3-4 वर्षों के दौरान कई स्पा व मसाज पार्लर खुले। राजधानी सहित अन्य जिलों में देखने में आया है कि वीआईपी, हाई स्टेटस मोहल्लों, पाश कालोनियों और सुरक्षित इलाकों में ही स्पा व मसाज पार्लर खुलें हैं। काबिले-गौर है कि इन्हीं पाश कालोनियों और वीआईपी मोहल्ले में पुलिस प्रशासन सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है, रात्रि में पुलिस गश्त व पीसीआर वैन भी इन्हीं हाई स्टेटस मोहल्लों में ज्यादा दिखाई देती है। बावजूद इसके स्पा व मसाज पार्लर धड़ल्ले से चल रहे बल्कि कई मर्तबा इन्हीं सेंटरों में छापा मार देह व्यापार तक के मामले भी सामने आ चुके हैं फिर भी पुलिस खामोश बैठी रही।

वीज़ा नियम, छह माह की थी वैद्यता -
थाई युवतियों का बिजनेस वीजा था। यह जनवरी से जून तक वैद्य था। सभी वीजा फॉरेन एंबेसी से बिजनेस वीजा के नाम से जारी हुए हैं। वीजा में स्पष्ट उल्लेख है कि वीज़ाधारक संबंधित देश में नौकरी नहीं करेगा। उल्लेखनीय है कि अलग-अलग वीजा की वैद्यता अवधि अलग-अलग होती है। टूरिस्ट वीजा में संबंधित देश में कितने दिन तक रूकेंगे और कहां-कहां सैर करेंगे ? यह वीज़ाधारक की मांग पर फॉरेन एंबेसी तय करती है। इसी तरह बिजनेस वीजा, मेडिकल वीजा, एजुकेशन वीजा सहित 28 से अधिक वीजा जारी किए जाते हैं। सबमें कारण और जरूरत के हिसाब से दिन तय होते हैं। बिजनेस वीजा 6 माह के लिए जारी किया जाता है। इसके बाद जरूरत के हिसाब से इसकी वेलिडिटी बढ़ाई जा सकती है।

विदेशी युवतियां पहली पसंद -
कुछेक देशों की युवतियां बाडी मसाज व स्पा पार्लरों में काम करने के लिए पहली पसंद होती हैं, इसीलिए ऐसे पार्लरों में इनकी संख्या काफी अधिक होती है। वहीं इन पार्लर्स के संचालकों का तर्क है कि थाईलैंड, फिजी, फिलीपींस, मलेशिया, कोरिया और इंडोनेशिया जैसे देशों की युवतियां काम करने में बेहतर व श्रेष्ठ होतीं है।

पुलिस वेरिफिकेशन के बाद नौकरी -
पार्लर्स संचालकों का कहना है कि नौकरी पर रखने से पहले पुलिस द्वारा वेरिफिकेशन एवं दस्तावेज़ परीक्षण के बाद ही स्थानीय थाना और कोतवाली से अनुमति मिलती है तब ही इन विदेशी युवतियों को नौकरी पर रखतें हैं। अब अगर वही पुलिस सेंटरों में पहुंचकर पुनः पासपोर्ट, वीज़ा व अन्य दस्तावेजों की जांच कर इनको अवैध तरीके से रहना घोषित कर दे, और संचालकों को अपराधी करार दे दे तो इसमें हमारी गलती कहां है। यह अजीबोगरीब नियम कायदा और कानून है। 

पुलिस की कार्यप्रणाली ही संदिग्ध -
संचालकों के तर्क से इस काार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस पहले भी स्पॉ सेंटरों की जांच करती थी। उस दौरान उनके दस्तावेज़ों की जांच की जाती थी। फिर इसका खुलासा क्यों नहीं हो पाया था। अब अचानक जब भिलाई में एक विदेशी युवती की हत्या हो गई, जो कि स्पा सेंटर में काम करती थी, तब से पुलिस के हाथ पैर फूल गये तथा अब पुलिस को समझ आया कि स्पा सेंटरों​ में काम करने वाली विदेशी युवतियों ने वीज़ा नियमों का उल्लंघन कर यहां पर काम कर रहीं हैं। पुलिस ने नोटिस भेजकर देश छोड़ने​ की सख्त कार्रवाई की है।

संदिग्ध गतिविधियों पर समाचारों का प्रकाशन -
सलाम छग अख़बार और खुलासा टीवी पर रायपुर के स्पा सेंटरों​ में चल रहे गैरकानूनी कार्यों, देह व्यापार तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर कई बार समाचारों का प्रकाशन किया गया परंतु पुलिस ने ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। वहीं कई स्पा के संचालकों से पुलिस व अफसरों से काफी घनिष्ठ संबंध देखा गया है। बताया जाता है कि इन स्पा सेंटरों​ को ऐसे ही चलने देने के लिए पुलिस अधिकारियों को लिफाफे भी भेजें जातें थे। परंतु इस बार शासन, मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं के दबाव के चलते पुलिस कार्यवाही करने को विवश हो गई।
    
बिजनेस वीजा पर नौकरी करतीं मिलीं -
पुलिस ने सोमवार को स्पॉ सेंटरों में छापा मारा था। उनमें 27 विदेशी युवतियां काम करती मिली। इनमें से 3 भूटान की थीं। इन युवतियों के वीजा संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। इनमें 20 के पास बिजनेस वीजा था। यह वीजा बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों को बिजनेस संबंधी कार्यों के लिए दिया जाता है। वीजा में स्पष्ट उल्लेख है कि उन्हें नौकरी नहीं करनी है। इसके बावजूद 20 युवतियां स्पॉ सेंटरों में 20 से 30 हजार रुपए मासिक तनख्वाह में नौकरी करती मिली। यह वीजा नियमों का उल्लंघन है।

टूरिस्ट वीजा पर आती थीं युवतियां -
थाईलैंड में स्पॉ एक थेरेपी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। शरीर का दर्द दूर करने व ताजगी के लिए खास तरह की मसाज की जाती है। रायपुर में स्पॉ और मसाज का कारोबार तेजी से बढ़ा है। स्पॉ व मसाज की बारीकी थाईलैंड की युवतियां बेहतर जानती हैं, जिससे स्पॉ सेंटरों में उनकी मांग ज्यादा रहती है। पिछले कुछ सालों से थाई युवतियां टूरिस्ट वीजा लेकर रायपुर आती और दो-तीन माह स्पॉ व मसाज सेंटरों में काम करके लौट जाती थीं।

पुलिस ने संचालकों से मांगी थी जानकारी -
युवतियों को पुलिस ने 72 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया है। छापे के बाद पुलिस ने स्पॉ संचालकों को नोटिस देकर जानकारी मांगी थी। शाम को एएसपी शहर विजय अग्रवाल ने संचालकों की बैठक ली। इस दौरान उनसे युवतियों के वीजा और कामकाज के संबंधी जानकारी ली। स्पॉ संचालक थाई युवतियों के साथ बिजनेस संबंधी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

इन स्पॉ सेंटरों में विदेशी युवतियां -
1. दियाज स्पॉ सेंटर, कलर्स मॉल
2. अमाया स्पॉ सेंटर, कलर्स मॉल
3. जारा स्पॉ सेंटर, श्याम प्लाजा
4. नेचर स्पॉ सेंटर, श्याम प्लाजा
5. लीजर स्पॉ सेंटर, श्याम प्लाजा
6. सेनसेस स्पॉ सेंटर, अंबुजा मॉल
7. थाई स्पॉ सेंटर, अंबुजा मॉल

* 20 थाई युवतियों को देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। उन्होंने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है। जांच के दौरान इन युवतियों के पास बिजनेस वीजा मिला था, लेकिन वे स्पॉ सेंटरों में नौकरी करती हुई मिली थीं। - विजय अग्रवाल, एसएसपी रायपुर शहर  


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