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बुधवार, 22 मार्च 2017

आईटी की लगातार छापेमारी से व्यापारी उतरे विरोध में, 21 को रायपुर व 22 को प्रदेश बंद का ऐलान

छत्तीसगढ़ 22 मार्च 2017 (जावेद अख्तर). छत्तीसगढ़ में कारोबारी प्रतिष्ठानों में आयकर विभाग द्वारा विगत डेढ़ माह से लगातार छापेमारी से व्यापारी वर्ग दहशत में दिखाई दे रहा है। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण 20 मार्च की बैठक में दिखा। आयकर विभाग की छापेमारी के विरोध में प्रदेश के सभी व्यापारि‍यों सहित अधिकांश कारोबारी संगठन एकजुट हो गए हैं।

बैठक में निर्णय, दो दिनों का बंद -
आईटी द्वारा छापेमारी के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बैठक हुई, जिसमें पदाधिकारियों ने आयकर विभाग की लगातार सर्वे और छापेमारी का विरोध किया। व्यापारियों का आरोप है कि उनके परिसर में आयकर विभाग के अधिकारी 24 घंटे तक अनेक दिनों तक रूककर सर्वे सर्च कर रहे है। अनेक व्यापारियों में इतनी क्षमता नहीं होती है कि इतने समय तक रूक सकें। बार बार उन्हें एफआईआर करवा कर जेल भिजवाने की धमकी दी जाती है, इसलिये इन हालातों में व्यापार नहीं किया जा सकता है। छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े कारोबारियों में बढ़ रहे गुस्से को देखते हुए छग चैम्बर ने 21 मार्च को रायपुर और 22 मार्च को प्रदेश बंद करने का फैसला लिया और विधिवत ऐलान भी कर दिया। 

चैंबर्स ने कहा, बिना नोटिस कार्यवाही गलत -
इससे पहले शनिवार को भी राजधानी में कारोबारी संगठन चैंबर्स के पदाधिकारियों ने एक दुकान में जांच करने पहुंची आयकर विभाग की टीम का विरोध करने बड़ी संख्या में पहुंच गए, इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई परंतु कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने समझा बुझाकर मामले को शांत किया। छग चैम्बर्स का कहना है कि आयकर अफसरों ने जितनी भी कार्रवाई की वह व्यावहारिक नहीं है, बिना नोटिस के सीधे प्रतिष्ठानों में दबिश दी जा रही है। इससे राजधानी और प्रदेश में कारोबारियों के बीच भय का मौहाल व्याप्त हो चुका है। जबकि सभी कारोबारी आयकर विभाग की सभी योजनाओं में सहयोग कर रहे हैं, बावजूद इसके ऐसा किया जाना कारोबार एवं प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करता है और प्रतिष्ठान के प्रति ग्राहकों को शंकित करता है, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ता है। इसीलिए इन्कम टैक्स की कार्रवाई के विरोध में छग चैंबर्स ने लगातार 48 घण्टे बंद का ऐलान किया है। 

आयकर आयुक्त अपनी बातों से मुकर रहे -
चेंबर का कहना है कि नोटबंदी के समय बैंकों में जो राशि व्यापारियों ने जमा की है उसका उसके खातों से मिलान कर लें। मिलान होने के बावजूद दबाव डालकर घोषित राशि को अघोषित बताकर स्वीकार करवाया जा रहा है। दो नोटिस दिये जाने की घोषणा मुख्य आयकर आयुक्त ने चेम्बर बैठक में की थी। यदि एक नोटिस के प्रत्युत्तर से आयकर विभाग संतुष्ट नहीं होगा तो दूसरा नोटिस देकर भी अवसर दिया जायेगा। जबकि दूसरा नोटिस जारी न करते हुए सीधे व्यापारिक परिसर में जाकर जांच की जा रही है

आयकर आयुक्त को सौंपेंगे ज्ञापन -
21 मार्च को उनका एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य आयकर आयुक्त से मिलकर ज्ञापन देगा, यदि उन्होंने कार्यवाही बंद करने के लिये सहमति नहीं दी तो व्यापारी अनिश्चितकालीन बंद का निर्णय लेते हुए अपने प्रतिष्ठानों की चाबियां महामहिम राज्यपाल को सौंप देने का निर्णय ले सकते है। यदि छापे नहीं रूके तो अनिश्चितकालीन बंद करके चाबियां राज्यपाल को सौंप दिया जायेगा। 

पूर्व में बंद रहा था सफल -
इससे पहले पिछले साल भी आयकर के सर्वे और छापामारी को लेकर सराफा एसोसिएशन ने विरोध स्वरूप बंद का ऐलान किया था, जो कि सफल भी रहा था। लेकिन यह पहली बार है प्रदेश में व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन छग चैंबर्स ने आयकर की कार्रवाई का सीधे तौर पर विरोध किया है।

31 मार्च तक कार्यवाही रहेगी जारी -
वहीं आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नोटबंदी के समय गलत व भ्रामक जानकारी देने वाले व्यापारियों के खिलाफ 31 मार्च तक कार्रवाई की जाएगी। यह शासन से मिले आदेशानुसार ही कार्यवाही की जा रही है, इसलिए नियम के तहत काम करने वाले व्यापारियों एवं कारोबारियों को परेशान नहीं होना चाहिए। 

रायपुर बंद से मरीज और यात्री बेहाल -
चैंबर आफ कामर्स के छत्तीसगढ़ बंद का आज राजधानी रायपुर में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आज सुबह से ही आवागमन के साधनों​ का अभाव बना हुआ है। वहीं सबसे अधिक मरीज़ परेशान हो रहें हैं, दवाईयों के लिए तरसना पड़ रहा है क्योंकि दवाई की दुकानें​ सुबह से खुली ही नहीं है। गिनती के ही मेडिकल स्टोर खुले पाए गए वह भी नर्सिंग होम्स के अंदर संचालित हो रहीं दुकानें​ ही।आज सभी पेट्रोल पंप दिन में बंद मिले, पेट्रोल पंपों​ पर सूचना-पत्र चस्पा किया गया है जिसमें आज शाम 6 बजे से पेट्रोल पंप खुलने का समय दिया है और कल 22 मार्च को पूरे दिन बंद रहने की सूचना दी गई है। बंद को देखते हुए सुबह से ही लोगों को पेट्रोल-डीजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं आऊटर पर एकाध पेट्रोल पंप खुले जिसके बाहर भी गाड़ियों की बेहद लंबी कतार लगी हुई है। हालांकि रायपुर सिटी में सुबह 8 बजे तक पेट्रोल पंप खुले मगर उसके बाद संचालकों ने डीजल-पेट्रोल देना बंद कर दिया।

इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई के विरोध में आज राजधानी रायपुर के बंद का ये हाल रहा, इससे माना जा रहा है कि कल आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ बंद का और भी व्यापक असर देखने को मिलेगा। हालांकि आज शाम से पेट्रोल पंप तो खुल जाएंगें लेकिन दवाई दुकानें​ बंद रहेगी। वहीं कल पूरे दिन पेट्रोल पंप बंद रहेगा। इधर लोगों की हो रही परेशानी के मद्देनजर चैंबर आफ कामर्स ने कहा है कि व्यापारियों को हर दिन इन्कम टैक्स विभाग की तरफ से परेशान किया जा रहा था लिहाज़ा उनके पास और कोई चारा नहीं था। आज व कल का बंद शांतिपूर्वक रहेगा लेकिन अगर व्यापारियों के हित का ख्याल नहीं रखा गया तो 23 मार्च के बाद उग्र प्रदर्शन भी किया जायेगा।

23 के बाद उग्र प्रदर्शन करेंगे व्यापारी -
छग चैंबर्स ने कहा कि अगर आईटी द्वारा इस तरह की छापेमारी, बंद के ऐलान के बाद भी जारी रही, तो सभी व्यापारी वर्ग व संगठन मिलकर 23 मार्च के बाद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना होगा। हम नियमानुसार कार्यवाही का विरोध नहीं करतें हैं। सभी व्यापारी समय से आयकर जमा करते हैं और नियमों का पालन करते हैं फिर भी बिना नोटिस कार्यवाही करने को सहन नहीं करेंगे। 


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