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कानपुर - पुलिस कार्यवाही पर डाक्‍टरों ने व्यक्त की नाराजगी

कानपुर 31 जनवरी 2017 (पप्‍पू यादव). जिला निर्वाचन आयोग को चाहिये कि आम नागरिकों को आचार संहिता के तहत जिन नियमों का पालन करना है, उनकी सूचना विस्तारपूर्वक समाचार पत्रों व अन्य जन संचार माध्यमों के द्वारा जनता को उपलब्ध करायी जाये, जिससे जनता कार्यवाही व प्रताडना से बच सके, जानकारी के आभाव में बहुत से लोग परेशान हो रहे हैं। यह बातें आज आईएमए की प्रेसवार्ता के दौरान अध्यक्ष डा0 प्रवीन कटियार ने कहीं।


डा0 प्रवीन कटियार ने  मीडिया को बताया कि शाखा के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ सर्जन डा0 एस.के मिश्रा, उनकी पत्नी डा0 नीलम मिश्रा तथा शिवानी मेडीशाप की धनराशि बैंक में जमा होने जा रही थी जिसे पुलिस द्वारा आचार संहिता के अंतर्गत जब्त कर लिया गया था। उक्त धनराशि की मुक्ति अपर जिला मजिस्ट्रेट के अनुपालन में कर दी गयी थी। पर अपनी वैध राशि लेने के लिए डा0 मिश्रा को 18 दिन का इंतजार करना पडा। उन्होंने कहा कि आईएमए कानपुर का जिला निर्वाचन आयोग से अनुरोध है कि आम नागरिकों को आचार संहिता के तहत जिन नियमों का पालन करना है, उनकी सूचना विस्तारपूर्वक समाचार पत्रों व अन्य जन संचार माध्यमों के द्वारा जनता को उपलब्ध कराया जाये, जिससे जनता कार्यवाही व प्रताडना से बच सके, जानकारी के आभाव में बहुत से लोग परेशान हो रहे है। 

डा0 मिश्रा ने बताया कि पुलिस द्वारा साक्ष्यों को न मानते हुए उनके जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति के साथ अपराधी की तरह व्यवहार करना अत्यन्त दुखद व प्रताडनीय है जिसे पुलिस व अन्य को इस कृत्य को संज्ञान में लेकर उनके खिलाफ आवश्यक कार्यवाही करना चाहिये। यह भी कहा कि मीडिया को बिना साक्ष्यों के सनसनीखेज खबर प्रकाशित करने से बचना चाहिए। इस तरीके की खबरों से उनकी विश्वसनीयता कम होती है।

सचिव डा0 राहुल व सचिव डा0 राम सिंह वर्मा ने बताया कि आईएमए कानपुर निर्वाचन आयोग व जिला प्रशासन का मतदान प्रतिशत बढाने में व मतदाता जागरूकता करने में पूर्ण सहयोग दे रहा है साथ ही सभी डाक्‍टर अपनी क्लीनिक में मतदान की महत्ता दर्शाते हुए मतदान करने की अपील कर रहे हैं। संस्था ने अपने सदस्यों से अनुरोध किया कि मतदान करने वाले व्यक्तियों को स्वेच्छानुसार शुल्क में रियायत प्रदान करें। प्रजातंत्र को सशक्त बनाने हेतु चिकित्सकगण प्रयासरत हैं फिर भी नगर के प्रतिष्ठित चिकित्सक के साथ अपराधी जैसा व्यवहार अत्यन्त ही खेदपूर्ण है।