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सोमवार, 16 जनवरी 2017

महिला सुरक्षा मुद्दे पर अमित जोगी का सीएम पर हमला, कहा चीफ मिनिस्टर नहीं क्राइम मिनिस्टर हैं डॉ रमन सिंह

छत्तीसगढ़, 16 जनवरी 2017 (जावेद अख्तर). नगर पंचायत पेण्ड्रा की युवतियों से खोड्री के लक्षमनधारा में हुई छेड़छाड़ व मारपीट से नाराज जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कार्यकर्ताओं ने नगरवासियों के सहयोग से आज पेण्ड्रा बंद रखा। वहीं मरवाही विधायक अमित जोगी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि बस्तर, मस्तुरी और पेंड्रा की घटनाओं से साफ़ है कि प्रदेश के किसी भी कोने में, किसी भी जाति और वर्ग की महिला सुरक्षित नहीं है।

अमित जोगी ने कहा कि पहले बस्तर में आदिवासी महिलाओं से अनाचार, फिर रायगढ़ जिले में दुराचार की घटना, फिर मस्तुरी के देवगांव में अमानुषिक बलात्कार-हत्या और अब पेण्ड्रा में छेड़छाड़, आखिर राज्य में किस तरह की कानून व्यवस्था और सुरक्षा उपलब्ध करा रही है रमन सरकार? ऐसी सरकार जो मातृ-शक्ति का जरा भी सम्मान न कर सके, उन्हें असम्मानित होता देखकर भी कोई कड़े कदम न उठाए, को सत्ता में बने रहने का जरा भी हक नहीं है। वो चीफ मिनिस्टर नहीं बल्कि क्राइम मिनिस्टर कहलाने के लायक हैं, उन्हें तो स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए।

राज्य सरकार की ये कैसी है सुरक्षा - 
अमित जोगी ने कहा कि विगत 13 वर्षों में बस्तर में लगातार आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार, उनसे अनाचार की खबरें सामने आती रही, लेकिन इस सरकार का सिर शर्म से नीचा नहीं हुआ। राज्य के अन्य हिस्सों से भी लगातार महिलाओं से अनाचार-छेड़छाड़ की शिकायतें और घटनाओं में वृद्धि होती रही लेकिन सरकार ने रोकथाम के कोई कदम नहीं उठाये। उल्टा कई ऐसे मामलों में तो भाजपा नेताओं के संबंधी शामिल रहे हैं। हाल ही में राजधानी रायपुर में भी मालखरौदा के एक कथित भाजपा नेता के खिलाफ भी जांजगीर-नैला की एक समाजसेविका महिला ने छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज करवाई है। फिर भी इस सरकार का सिर तना ही हुआ है।

मातृ-शक्ति का ऐसा असम्मान देखने के बाद भी मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के चेहरे पर चिंता या दुख की बजाय मुस्कान खिली रहती है। यह धिक्कार की बात है कि राज्यभर में महिलाएं भय के माहौल में जी रही हैं और मुख्यमंत्री पूर्ण सुरक्षा में रहते हुए बाबा रामदेव के साथ योग कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में वयस्त रहते हैं। यह धिक्कार की बात है कि राज्य में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं है और मुख्यमंत्री समेत भाजपा राजनांदगांव में बैठकर खोखले चिंतन-मनन में डूबे होने का दिखावा करते हैं। सरकार की यह कौन सी सुरक्षा नीति है जिसमें आदिवासी, सतनामी समाज, किसान तथा स्कूली छात्राओं सहित महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। 

आंकड़े जो असलियत बयान कर रहे - 
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा रिपोर्ट जारी कर हालात पर चिंता व्यक्त कर चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2012 में बलात्कार के मामले 1034 थे तो वर्ष 2013 में 1380 हो गए।  वर्ष 2014 में 1436 केस और वर्ष 2015 में 1560 मामले दर्ज हुए।

सरकार का असली चेहरा उजागर हो रहा -  
अमित जोगी ने कहा कि उपरोक्त घटनाओं से यह बात तो सामने आती है कि छत्तीसगढ़ के किसी भी हिस्से में किसी भी धर्म, जाति या समुदाय की महिलाएं सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यहां तो कानून व्यवस्था नाम की चीज ही नहीं है। इसीलिए ही एनसीआरबी के आंकड़े गवाह हैं कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के प्रति यौनिक अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। क्या इसी भयावह एवं अलोकतांत्रिक कानून व्यवस्था के दम पर मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह राज्य में अमन-चैन होने का दावा करते हैं। क्या इसी कानून व्यवस्था के दम पर छत्तीसगढ़ बलात्कार के मामले में देश में सातवें नंबर का राज्य बन चुका है? राज्य की सरकार का असली चेहरा उजागर हो रहा है। प्रदेश में भय क माहौल व्याप्त होता जा रहा है और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को जेलों में ठूंसा जा रहा है। 

राज्यभर में हो रहा मातृशक्ति का असम्मान, मुस्कुरा रहे सीएम - 
मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा कि मस्तूरी के आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं और अब पेण्ड्रा में ऐसी घटना हो गई। जकांछ (जे) इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि दोनों मामलों के आरोपी तत्काल पकड़े नहीं जाते हैं तो जकांछ (जे) उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी सारी जिम्मेदारी इसी लचर कानून-व्यस्था की होगी, जो राज्य की असफल रमन सरकार की देन है। पूरा महिला समाज शर्मसार हो रहा है और मुख्यमंत्री बेशर्मी के मुस्कुराते हुए विकास विस्तार एवं छत्तीसगढ़वासियों की सुरक्षा के खोखले आंकड़े गिनाते हैं। 

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