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सोमवार, 19 दिसंबर 2016

यूपी में सरकार में बैठे लोग गुंडागर्दी करने वालों को शह दे रहे हैं - कानपुर रैली में मोदी

कानपुर 19 दिसम्‍बर 2016 (मोहित गुप्‍ता/पप्‍पू यादव). भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कानपुर में आयोजित परिवर्तन रैली को सम्‍बोधित किया. रैली में कानपुर और उसके आसपास के जिलों से लाखों लोग शामिल हुये. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि यूपी के लोग गुंडागर्दी से तंग आ चुके हैं। सरकार में बैठे लोग गुंडागर्दी करने वालों को शह दे रहे हैं। जब तक सरकार नहीं बदलेगी, तब तक इस पर लगाम नहीं लगेगी।


रैली में आये लाखों लोग पूरे जोश के साथ मोदी-मोदी के नारे लगा रहे थे। मोदी प्रेम की ऐसी बहार देख कर प्रतीत हो रहा था कि अबकी उत्‍तर प्रदेश की जनता प्रदेश में कमल खिलाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। रैली को सम्‍बोधित करते हुये श्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं. पहले की सरकारों के पास केवल अपने लिए समय था, हम पहले दिन से जो योजनाएं लाए हैं, वो सारी गांव के गरीब, शोषित, वंचित, माताओं-बहनों के लिए केंद्रित हैं। 
 
श्री मोदी ने कहा कि जो देश नौजवान हो वह देश दुनिया के सामने अपनी ताकत का परिचय करवा सकता है। ऊर्जावान नौजवानों के हाथ में अगर हुनर आ जाए तो नौजवान विकास की नई उड़ान दे सकता है। इसलिए स्किल डिवेलपमेंट की अनेक योजनाओं की शुरुआत की गई है। श्री मोदी ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश के गांवों का क्या दोष है कि वहां बिजली नहीं है, उन्हें 18वीं शताब्दी में जीने के लिए मजबूर किया गया। उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की लहर नहीं, आंधी चल पड़ी है। ऐसा लग रहा है कि आने वाले चुनाव में यूपी का हर नागरिक परिवर्तन का संकल्प पूर्ण करने के लिए जी जान से जुट गया है। 

श्री मोदी ने यह भी कहा कि अपने काम का ब्यौरा न देने पाने वाले लोगों ने संसद नहीं चलने दी। राजनीतिक स्वार्थ के लिए संसद की गरिमा को चोट पहुंचाना सामान्य नहीं है। हमारा अजेंडा है करप्शन बंद हो। ब्लैक मनी बंद हो। उनका अजेंडा है संसद बंद हो। पूरे महीने संसद नहीं चलने दी। राष्ट्रपति के बोलने के बाद भी हो-हल्ला करते रहे। ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वह डर रहे थे, कि संसद चली तो उनके काले कारनामे सबके सामने आ जायेंगे। उन्‍होंने का कि पहले भी संसद में व्यवधान आता था क्योंकि घोटाले के खिलाफ आवाज उठती थी। पहली बार हुआ कि बेईमानों को बचाने के लिए संसद नहीं चलने दी। 

प्रमुख हाईलाइट – 
- जब सीताराम केसरी कोषाध्यक्ष थे, तो कांग्रेस के लोग ही बोलते थे, 'न खाता न बही, केसरी कहे वही सही'. - पहले गैस का कनेक्शन लेने के लिए पापड़ बेलने पड़ते थे। हमने बीड़ा उठाया है कि 3 साल के भीतर गरीब परिवारों को लकड़ी के चूल्हे से मुक्त कर देंगे।
- भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई हमें जीतनी है। हमारे देश की बर्बादी के मूल में यही बीमारी है जिसने गरीब को गरीब रहने के लिए मजबूर किया. 
- चुनावी चंदे पर चुनाव आयोग की पहल का स्वागत है। राजनीति दलों को चंदा कैसे मिलना चाहिए। चंदे का हिसाब किताब कैसे होना चाहिए। मैंने ऑल पार्टी मीटिंग में कहा था कि इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। लेकिन सदन नहीं चलने दिया गया. 
- सामान्य लोगों को परेशान करने वाले लोग चुप नहीं बैठेंगे और चुनाव में वे चुनाव में अनाप-शनाप सब करेंगे, लेकिन ईमानदार लोग परिवर्तन लाकर रहेंगे. 
- पहले दूध में भी यूरिया मिलाई जाती थी, यूरिया का उपयोग किसानों के बजाए दूध में होने लगा था। यूरिया की नीम कोटिंग करने के बाद अब उसका कोई और उपयोग नहीं हो सकता है। 
- उत्तर प्रदेश में गन्ना किसान परेशान रहते हैं। किसानों को पैसा नहीं मिलता है। पहली बार समय पर मिलें चालू हुईं और बकाया राशि के भुगतान में सरकार को सफलता मिली है। 
- 30 साल तक देश में स्थिर सरकार नहीं थी। समझौते से गाड़ी चल रही थी। फैसले नहीं होते थे। एक दूसरे को मनाने का दौर चलता रहता था। 
- कुछ लोगों को लगता था कि बैंक में पैसे डाल दिए तो सफेद हो गए, लेकिन वे लोग फंस गए हैं। हम उन्हें तकनीक से ढूंढ रहे हैं.
- कांग्रेस के लोग भाषण देते थे कि राजीव गांधी कंप्यूटर लाए, अब मैं कहता हूं कि मोबाइल को बैंक बना दो, तो कहते हैं कि मोबाइल हैं ही नहीं.
- भारत सरकार 25 दिसंबर से एक योजना शुरू करेगी। 8 नवंबर तक 25 तारीख तक अगर डिजिटल पेमेंट से कुछ खरीदा है तो इसके लिए लकी ड्रॉ निकलेगा और 15000 लोगों के खाते में 1000 रुपये जमा हो जाएंगे। यह 100 दिन तक चलेगा.

रैली में पीएम मोदी को सुनने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पडी। इस मौके पर उमड़ी भीड़ में कुछ लोग आकर्षण का केंद्र बने रहे। किसी ने अपने शरीर पर मोदी के फेस का स्केच तो किसी ने मोदी का नाम गुदवाया हुआ था। वहीं एक शख्स ने मोदी के पोस्टर के साथ अपने हाथों में गदा लेकर पहुंचा। भारी संख्या में महिलाएं भी मोदी के नोटबैन का सपोर्ट करती नजर आई। 2000 के नोट के गुलाबी रंग की साड़ी पहनकर महिलाएं रैली स्थल में पहुंची। मोदी के आने की खुशी की लहर कानपुर में दिखाई दी। साथ ही इस परिवर्तन रैली में कई साधु महंत भी मोदी को देखने पहुंचे हैं। लोगों के बीच मोदी के नारे भी लगाए जा रहे थे।


 











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