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जलालाबाद - विकास कार्यो की गति को बाधित कर रहा है भ्रष्‍टाचार

शाहजहांपुर 10 अक्‍टूबर 2016 (राजू मिश्रा). केंद्र व राज्य सरकारें ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए अरबों रुपए खर्च करती हैं लेकिन भ्रष्‍टाचार विकास की गति को बाधित कर देता है। जलालाबाद ब्लाक में भ्रष्‍टाचार किस कदर व्याप्त है इसका अंदाजा आप इस बात से ही कर सकते हैं कि विकास कार्य शुरू होने से पहले ही स्टीमेट का 9 प्रतिशत कमीशन में चला जाता है।


जलालाबाद ब्लाक के कई प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर हमें बताया कि गांव में विकास कार्य करवाना बहुत मुश्किल हो गया है। ब्लाक में स्टीमेट स्वीकृत कराने में बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं। सबसे पहले स्टीमेट स्वीकृत कराने के लिए 2 प्रतिशत नगद ADO पंचायत को देना पड़ता है, इसके बाद 7 प्रतिशत जेई को नगद देना पड़ता है । उदाहरण के लिये मान लीजिये कि ब्लाक में स्टीमेट का 9 प्रतिशत कमीशन देकर लगभग 64 लाख रूपये का स्टीमेट स्वीकृत हो चुका है । अब 1 लाख 28 हजार नगद ADO पंचायत को कमीशन दी इसके बाद 4 लाख 48 हजार जेई को कमीशन दी इसके बाद तैयार हुआ स्टीमेट। रुपया बचा 58 लाख 24 हजार। अब शुरू होगा विकास कार्य जिसने 9 प्रतिशत नगद कमीशन दिया होगा वह सबसे पहले अपनी कमीशन निकालेगा। 58,24000 में से फिर से निकला कमीशन का 5 लाख 76 हजार।

अब बचा 52 लाख 48 हजार अभी काम शुरू नहीं हुआ केवल कागजों में स्टीमेट तैयार हुआ और रुपया 64 लाख में से बचा केवल 52 लाख । इसके बाद विकास कार्य शुरू हुआ। अब सैक्रेटरी, प्रधान, एपीओ, रोजगार सेवक, टीए का कमीशन । दो लोगों को कमीशन देने के बाद में 52 लाख बचे। तो 5 से 6 लोगो को कमीशन देने के बाद कितना बचा होगा यह आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं। इसमें से कितना विकास कार्य हुआ होगा यह तो भगवान ही जाने। लोग कहेंगे कि सरकार ने विकास कार्य नहीं कराया, लेकिन सरकार ने तो विकास कार्य के लिए धन भेजा था, पर उसको गांव पहुँचने से पहले रास्ते में ही हड़प कर लिया गया।

जय तो भ्रष्‍ट तंत्र की .....................








(यह लेख सूत्रों पर और हमारे अंशकालिक संवाददाता राजू मिश्रा की रिपोर्ट पर आधारित है)