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लंबे समय से अटके पावर प्लांट को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिखाई हरी झंडी

कानपुर 20 अक्टूबर 2016 (मोहित गुप्ता). केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज एक कार्यक्रम में यूपी को अब तक की सबसे बड़ी तापीय परियोजना की सौगात दी। पीयूष गोयल ने बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के साथ कानपुर के घाटमपुर में दीप प्रज्जवलित कर परियोजना का शुभारंभ किया।


केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विकास के नाम पर यूपी की सरकार राजनीति करना बंद कर दे। श्री गोयल ने केंद्र की पुरानी कांग्रेस सरकार के साथ यूपी की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि दोनों ही दलों की सरकार यदि चाहती तो यह परियोजना कब की शुरु हो चुकी होती, लेकिन किसी भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से करीब आठ साल पहले की यह परियोजना का कार्य अब शुरु हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के प्रारंभ हो जाने से सीधे तौर पर लाभ कानपुर और घाटमपुर के लोगों को मिलेगा। इस परियोजना के शुरु होने से कई जिलों को बिजली की किल्लत से मुक्‍ती मिलेगी। क्षेत्र के लोगों को रोजगार के तमाम अवसर भी प्राप्त होंगे।

17235 करोड़ की लागत से बनेगा पॉवर प्लांट -
कानपुर के घाटमपुर में बन रही यूपी की सबसे बड़ी तापीय परियोजना की अनुमानित लागत करीब 17235 करोड़ रुपए है। 1980 मेगावाट का यह पॉवर प्लांट नेवली लेगनाइट कारपोरेशन और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत निगम का संयुक्त उपक्रम है। शुभारंभ के मौके पर कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, कानपुर से बीजेपी के विधायक सतीश महाना, यूपी सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेंद्र यादव प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

MLA का नाम न होने पर रातों-रात बदला गया पत्थर -
पॉवर प्लांट परियोजना के शुभारंभ के मौके पर भी राजनीति देखने को मिली। घाटमपुर के विधायक इंद्रजीत कोरी का नाम न तो शिलान्यास पत्थर में था और न ही आमंत्रण कार्ड में। इसकी जानकारी जब विधायक इंद्रजीत कोरी को हुई तो उन्होंने तगड़ा विरोध किया। विरोध के चलते बुधवार रात ही नया पत्थर लाया गया। जिसमें क्षेत्रीय विधायक का नाम जोड़ा गया। हालांकि मंच पर क्षेत्रीय विधायक को बोलने तक का मौका नहीं मिला।

मुआवजे के लिए महिलाओं का हंगामा, पुलिस से धक्का-मुक्की -
पॉवर प्लांट परियोजना का शुभारंभ करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल उस समय असमंजस में पड़ गए जब सैकड़ों महिलाओं ने उनके मंच के सामने नारेबाजी शुरु कर दी। यह वो महिलाएं थीं जिनकी जमीन अधिग्रहीत की गई है लेकिन उचित मुआवजा अब तक नहीं मिला। हंगामा करती महिलाएं जब मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करती हुई मंच की तरफ बढ़ीं तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन इस दौरान महिलाएं पुलिस प्रशासन से भिड़ गईं और धक्का-मुक्की करने लगीं। बवाल बढ़ता देख मंच से ही केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं को समझाते हुए कहा कि इस मसले का हल बैठकर ही निकाला जा सकता है। हंगामे से नहीं। इसके बाद महिलाएं शांत हुईं।