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गुरुवार, 8 सितंबर 2016

लाठीचार्ज एवं गिरफ्तारी के विरोध में शिक्षकों ने मनाया 'काला दिवस'

कन्‍नौज 09 सितम्‍बर 2016. अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत अनुमोदित स्ववित्तपोषित डिग्री शिक्षकों के विनियमितीकरण तथा शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज एवं गिरफ्तारी के विरोध में शिक्षकों द्वारा पूरे प्रदेश में शिक्षक दिवस को काले दिवस के रूप में मनाया गया। शिक्षकों ने मुख्‍यमंत्री को अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी प्रेषित किया.

विदित हो कि संपूर्ण प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में चल रहे स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में कार्यरत विधिवत चयनित, अनुमोदित एवं यू०जी०सी० द्वारा निर्धारित योग्यताधारी शिक्षक काफी समय से अपने विनियमितीकरण हेतु संघर्ष कर रहे हैं, जिसके वे हकदार भी हैं। उनके समायोजन से सरकार पर कोई विशेष अतिरिक्त व्यय भार भी नहीं पड़ना है।सरकार द्वारा इस बारे में वादा भी किया गया किंतु सकारात्मक परिणाम न मिलने के कारण शिक्षकों में हताशा, निराशा के साथ साथ आक्रोश भी व्याप्त हुआ, फलस्वरूप विगत २१ अगस्त को अपनी मांग पूरी करवाने के लिए और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए जी०पी०ओ० लखनऊ गांधी प्रतिमा के नीचे पूरे प्रदेश से आये शिक्षक शान्तिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। परन्‍तु शिक्षकों पर जिस तरह से पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज, महिला शिक्षकों का उत्पीड़न तथा शिक्षकों की अकारण गिरफ्तारी की गयी है वो अति निन्दनीय है। 

पीएसएम कालेज कन्‍नौज की शिक्षिका सारिका त्रिवेदी ने खुलासा टीवी को बताया कि यह लोकतंत्र की हत्या है और शिक्षक समाज इसकी घोर निंदा करता है। इसी के विरोध स्‍वरूप पूरे प्रदेश में शिक्षकों द्वारा शिक्षक दिवस को काले दिवस के रूप में मनाया गया। उच्च शिक्षा एवं इससे जुड़े शिक्षकों की सुरक्षा करना एवं उनको संरक्षा प्रदान करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। समस्‍त शिक्षकों ने मुख्‍यमंत्री को सम्‍बोधित ज्ञापन में अनुरोध किया है कि प्रकरण को गंभीरता से लेकर शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से विनियमित कर नवजीवन प्रदान करने के साथ-साथ उन पर लगे फर्जी मुकदमों को वापस लेकर उन्हें न्याय प्रदान करें।

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