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मंगलवार, 30 अगस्त 2016

किसानों की मेहनत से छत्तीसगढ़ को चार बार मिला राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार - डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ 30 अगस्त 2016 (जावेद अख्तर). छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शामिल हुए और किसान सम्मेलन में प्रदेश के उत्कृष्ट किसानों का सम्मान किया गया। सम्मान पाने वालों में सबसे अधिक कांकेर जिले से 10 किसानों को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि किसानों की मेहनत से ही छत्तीसगढ़ को चार बार राष्ट्रीय स्तर पर कृषि कर्मण पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। यह खुशी की बात है कि प्रदेश के किसान अब आर्थिक स्वावलम्बन की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसान धान के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों के अलावा पशुपालन और मछलीपालन जैसी आर्थिक विकास की गतिविधियों से जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कांकेर के कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण समारोह और किसान सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजनान्तर्गत उत्कृष्ट किसानों और उत्कृष्ट कृषि अधिकारियों और उत्कृष्ट जिले को पुरस्कृत किया।

मुख्यमंत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में स्थापित कृषि विज्ञान केन्द्र कृषि की प्रमुख गतिविधियों के केन्द्र के रूप में विकसित हों। छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के पदाधिकारी गांवों का भ्रमण कर किसानों से प्रदेश में कृषि को और अधिक उन्नत बनाने के लिए नीतिगत सुझाव लें। प्रगतिशील किसान उन्नत खेती के तरीकों को अपनाने के लिए अपने क्षेत्र के किसानों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने, धान की फसल के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन और मछली पालन को अपनाने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि आज युवा पीढ़ी का रुझान कृषि क्षेत्र में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालयों, पशुपालन और मत्स्य पालन महाविद्यालयों से सक्रियता के साथ जोड़ा जाना चाहिए। राज्य सरकार उन्नत खेती के अध्ययन के लिए प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के भ्रमण पर भेजेगी। मुख्यमंत्री ने बस्तर जिले में मोचो बाड़ी के माध्यम से जैविक खेती के अच्छे काम, कवर्धा और पण्डरिया क्षेत्र में गन्ना उत्पादन में किसानों की सफलता का उल्लेख किया।

कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिन उत्कृष्ट किसानों को आज सम्मानित किया गया है, वे किसान दूसरे किसानों को भी खेती-किसानी के उन्नत तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अधिक से अधिक किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने, उन्नत बीज उपलब्ध कराने और कृषि उपजों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। समारोह में आत्मा योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले को उत्कृष्ट जिले का पुरस्कार प्रदान किया गया। जिले स्तर पर कृषि और संबंधित क्षेत्रों के दस-दस उत्कृष्ट किसानों को पचास-पचास हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र, कांकेर सहित प्रत्येक जिले के दस किसानों को पच्चीस हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में कुल 187 किसानों को कुल पचास लाख रूपए की पुरस्कार राशि वितरित की गई। समारोह में 26 उत्कृष्ट कृषि अधिकारियों को कुल चार लाख रूपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। 

कृषि अधिकारियों में राज्य स्तर पर दो, संभाग स्तर पर दो-दो और प्रत्येक जिले के एक-एक अधिकारी को पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उपज का लागत मूल्य कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण, साढ़े सात हजार यूनिट बिजली निःशुल्क दी जा रही है। अनुदान पर किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों की जमीन के समतलीकरण और खेतों में डबरी निर्माण का कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के समय प्रदेश में विद्युतीकृत सिंचाई पम्पों की संख्या 65 हजार थी, जो आज बढ़कर 4 लाख 18 हजार हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले तीन वर्षों में 50 हजार सोलर सिंचाई पम्प किसानों को वितरित करेगी। लगभग पांच लाख रूपए की लागत के ये पम्प अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को 12 हजार रूपए में, अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 18 हजार रूपए में और सामान्य वर्ग के किसानों को 25 हजार रूपए में यह पम्प उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि एनीकटों के किनारे और ऐसे क्षेत्रों में जहां बिजली नहीं है, वहां इन सिंचाई पम्पों का उपयोग किसानों के लिए काफी सुविधाजनक होगा। समारोह में संचालक कृषि एम.एस. केरकेट्टा ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में अनेक जनप्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी और विभिन्न जिलों से आए किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ शासन और कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित समारोह की अध्यक्षता कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। संसदीय सचिव तोखन साहू, छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्याम बैस, छत्तीसगढ़ राज्य गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, राज्यसभा के पूर्व सांसद गोपाल व्यास, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल और छत्तीसगढ़ कामधेनू विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति डॉ. यू.के.मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थे।


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