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गुरुवार, 7 जुलाई 2016

DEEP DISCUSSION : ये स्मृति का कद छोटा नहीं और बड़ा करने की तैयारी है

नई दिल्ली 07 जुलाई 2016 (IMNB). शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कपड़ा मंत्रालय अगर मोदी जी ने बहुत करीबी को दे दिया तो ये चर्चा होना लाजिमी है कि उनके पर कतर दिए गए। जी हां, हम बात कर रहे हैं स्मृति ईरानी की। मोदी जी के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आए इस बड़े बदलाव पर भले ही आम जनों में यही चर्चा हो पर राजनीतिक पंडित मानते हैं कि ये स्मृति ईरानी के पर कतरने नहीं बल्कि पर फैलाने का इंतजाम किया गया है।

पॉलिटिकल पंडित की मानें तो स्मृति ईरानी की छवि जिस तरह से युवाओं में लगातार बढ़ रही है और जिस तरह से लोकसभा चुनाव से ही वह गांधी परिवार से उनके ही गढ़ में लोहा ले रही हैं, उन्हें यूपी महासमर का प्रणेता बनाया जा सकता है। बीजेपी लगातार यूपी के चुनावी महासंग्राम की न सिर्फ तैयारी में लगी है बल्कि विरोधी पार्टियों की चाल को भी पढ़ने में जुटी है। कांग्रेस में जिस तरह से यूपी में ब्रम्हास्त्र छोड़ने की तैयारी प्रियंका वाडरा के रूप में किया जाना तय माना जा रहा है, उसी तरह से भाजपा भी स्मृति को सीएम कैंडिडेट के तौर पर यूपी चुनाव में उतार सकती है।

भले ही अब तक के सर्वे में वरुण गांधी और राजनाथ सिंह को यूपी की कमान संभालने पर वोट बराबर का मिला हो लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि स्मृति ईरानी ने भी वहां जबरदस्त प्रदर्शन किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में वह भले ही राहुल गांधी से हार गईं थी लेकिन उस चुनाव में राहुल को अगर 4 लाख वोट मिले थे तो स्मृति भी 3 लाख वोट पाकर दूसरे स्थान पर रही थीं। ऐसा करिश्मा करने वाली वह पहली भाजपा नेता हैं। स्मृति के इस बढ़ते कद से शायद कांग्रेस भी एक बार सकते में आ गई थी। इसलिए भाजपा आलाकमान स्मृति ईरानी के इस करिश्मे को भुलाए बिना और कैश कराना चाहती है।

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