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सोमवार, 11 जुलाई 2016

रेवन्यू इंस्पेक्टर परीक्षा का पर्चा लीक - अफसरों की लापरवाही या मुन्ना भाईयों का बोलबाला ?

छत्तीसगढ़ 11 जुलाई 2016 (जावेद अख्तर). अफसरों की नादानी कहें या लापरवाही या फिर मुन्ना भाईयों का वर्चस्व कहा जाए कि सरकार, विभाग व प्रशासन के लाखों दावों के बावजूद भी परीक्षा से पहले पर्चा लीक हो जा रहा है। जहां बिहार में टापर्स का फर्जीवाड़ा सामने आया था वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में भी ऐसी ही गई गुजरी हालत है। पीएमटी हो या शिक्षा कर्मी या फिर चाहे पटवारी की परीक्षा हो, सभी में मुन्ना भाईयों का वर्चस्व है।

अधिकारियों की जबरदस्त लापरवाही -
अफसरों की मुस्तैदी व मेहरबानियों के चलते पटवारी से आरआई बनने की विभागीय परीक्षा का पर्चा रविवार को लीक हो गया। अफसरों ने अपनी त्रुटि मानने की बजाए पर्चा लीक का कारण बताया है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तीन पाली में आयोजित इस परीक्षा के लिए एक ही प्रश्नपत्र तैयार किया गया था। यानी जो प्रश्न पहली पाली के पटवारियों से पूछे गए, वही दूसरी व तीसरी पाली में शामिल होने वाले पटवारियों से पूछे जाने थे। गलती का एहसास होने पर आनन-फानन में तीसरी पाली की परीक्षा स्थगित कर दी गई। स्थगित परीक्षा 23 जुलाई को होगी।

छग राज्य सरकार पर हावी मुन्ना भाई -
मुन्ना भाईयों के वर्चस्व की इंतेहा ही कही जा सकती है कि शिक्षा मंत्री की पत्नी व शिक्षा मंत्री का पीए तक मुन्ना भाई की कार्यशैली के चलते पकड़ में आए। हालांकि इसमें मुख्य आरोपियों को राज्य सरकार व मंत्रियों ने मिलकर बचाकर निकाल लिया और बेचारे परीक्षा देने वालों पर ही हल्की फुल्की कारवाई का दिखावा कर उन्हें भी पीछे के दरवाजे से बाहर निकाल दिया है। मामला सामने आने के बाद राजनीति हल्कों में सिर्फ इसी मामले की चर्चा थी। विपक्ष ने भी सरकार व मंत्री के खिलाफ कारवाई को लेकर नारेबाज़ी की और इस्तीफे की मांग भी रखी गई। खबरों की सुर्खियों में छाया रहा, बहुत ऊठापटक हुई, हो हल्ला हुआ मगर मुखिया ने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दों का अभाव है इसीलिए ऐसी नारेबाज़ी व मांगे की जा रही है। इससे सबको समझ जाना चाहिए था कि मुख्यमंत्री किसी भी हाल में कार्यवाही नहीं होने देंगे। वाकई बड़े बड़े घोटाले व गबन से इतिहास रचने वाली सरकार के लिए यह मामला कोई मायने ही नहीं रखता है इसीलिए राज्य की जुझारू सरकार ऐसे मामलों से अब विचलित नहीं होती है और अपने मंत्री के पक्ष में ही खड़े होती है। भ्रष्टाचार करने के प्रति छग राज्य सरकार अधिक समर्पित है इसीलिए तो दृढ़ इच्छा शक्ति, चिड़िया की एक टांग, ठीटता और जिजिविषा जबरदस्त है। होना भी चाहिए तीसरी बार लगातार सत्ता जो प्राप्त हुई है।

राजस्व विभाग ने पटवारी से सीधे आरआई बनने विभागीय परीक्षा रविवार को भिलाई के श्री शंकराचार्य टेक्नीकल कैम्पस, जुनवानी में आयोजित की थी। तीन पालियों आयोजित इस परीक्षा में अफसरों ने तीनों पालियों के लिए एक ही प्रश्न पत्र तैयार किया था। ऐसे में दोपहर 12 से 2 बजे तक आयोजित पहली पाली की परीक्षा देकर निकले पटवारियों ने प्रश्न पत्र को मोबाइल एप वाट्सएप पर वायरल कर दिया। इससे शाम चार से साढ़े छह बजे तक आयोजित तीसरी पाली के परीक्षार्थियों को पर्चा परीक्षा के पहले ही मिल गया। इस पर पहली पाली में बैठे कुछ परीक्षार्थियों ने अधिकारियों से आपत्ति जताई। वाट्सएप में सर्कुलेट हुए प्रश्न पत्र का परीक्षा में पूछे गए प्रश्न पत्र से मिलान करने के बाद तीसरी पाली की परीक्षा स्थगित कर दी गई। ऐसे में तीसरी पाली में परीक्षा देने आए करीब दो सौ परीक्षार्थियों को वापस लौटना पड़ा।

व्यवस्था में इस खामी के चलते हुए परेशानी -
राजस्व विभाग ने पहले दो पालियों दोपहर बारह से दो व ढाई से सा ढे चार बजे तक परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन परीक्षा केंद्र में एक साथ साढे आठ सौ परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था न होने के कारण तीसरी पाली में भी परीक्षा लेने का निर्णय लिया गया। ऐसे में अधिकारियों को तीनों पालियों के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र तैयार करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके चलते पहली पाली की परीक्षा खत्म होते ही दूसरी पाली के परीक्षार्थी तो परीक्षा केंद्र में चले गए, लेकिन तीसरी पाली के परीक्षार्थियों को पहली पाली वालों से संपर्क का मौका मिला गया और पर्चा लीक हो गया।

सील साइन न होने पर भी सवाल -
परीक्षार्थियों की मानें तो परीक्षा में प्रश्न पत्र मेनुअली दिए गए थे, जबकि उत्तर ऑनलाइन देने की व्यवस्था थी। इससे भी कुछ परीक्षार्थियों को परेशानी हुई। इसके अलावा परीक्षा में बांटे गए प्रश्न पत्र पर प्रश्न हाथ से ही लिखे गए और उसकी छाया प्रति सभी को दी गई थी। छाया प्रति में विभाग की सील या किसी जिम्मेदार के हस्ताक्षर नहीं थे। ऐसे में यदि प्रश्न पत्र के सत्यापन पर भी सवाल उठता है। नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा केंद्र में सभी को आस-पास ही बैठाया गया था और कुछ लोग एक-दूसरे से पूछकर आंसर कम्प्यूटर में फीड कर रहे थे।

* पर्यवेक्षकों को निर्देश था कि प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों से वापस लेने हैं, लेकिन कुछ पर्यवेक्षक ने प्रश्नपत्र वापस नहीं लिए। इस कारण ही प्रश्नपत्र वाट्सएप में सर्कुलेट हो गया। जानकारी मिलते ही तीसरी पाली की परीक्षा स्थगित कर दी गई है। - श्रीकांत कुमार, परीक्षा नियंत्रक, राजस्व विभाग

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