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शनिवार, 19 सितंबर 2015

छत्तीसगढ़ - डेंगू के कहर से मचा हाहाकार, 82 की पुष्टि 1 की मौत से हालात हुए बेकार

छत्तीसगढ़ 19 सितम्‍बर 2015 (जावेद अख्तर). डेंगू ने राजधानी के निवासियों के माथों पर चिंता की लकीरें उकेर दी है क्योंकि रायपुर में अब तक 82 मरीजों की ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। ये सभी मामले ढाई से तीन महीने के भीतर ही सामने आए हैं। जिससे समझा जा सकता है कि रायपुर में डेंगू अपने पैर पसार चुका है। हालांकि अभी तक डेंगू से सिर्फ एक महिला मरीज़ की जान गई है। जबकि पिछले साल डेंगू से 8 से अधिक जानें गई थीं।

डेंगू के तेजी से फैलते संक्रमण को लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 से 30 सितंबर 2015 तक नियमित डेंगू के मरीजों को ढूंढ़ने के लिए घर घर पहुंच अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत राजधानी व आसपास के क्षेत्रों के हरेक छोटे बड़े घरों में जाकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय टीमें लगातार मानीटरिंग करेंगी और जांच करेंगी। संभावना मात्र नजर आने से तत्काल उसका नियमित उपचार किया जाएगा ताकि उसे डेंगू के संक्रमण से जल्द से जल्द निजात दिलाई जा सके।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक 90 फीसदी मरीज शहरी क्षेत्र के हैं, विशेषकर उन जगहों के जहां पर घनी बस्तियां हैं और साफ सफाई का अभाव है। रायपुर जिला सीएमएचओ कार्यालय द्वारा अपील की गई है कि डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कार्यालय को जानकारी दें। डेंगू की एलाइजा जांच सिर्फ पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध है, इसलिए मरीज यहीं पहुंचकर जांच करवाएं। बाकी अस्पतालों में रेपिट टेस्ट किया जाता है, जिसे पुष्ट नहीं माना जाता है। जिला अस्पताल, डॉ. अंबेडकर अस्पताल और निजी अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक तेज बुखार, जोड़ों में दर्द के मरीज आ रहे हैं, लेकिन अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। रायपुर के संजय नगर में रहने वाली एक महिला की मौत डेंगू की वजह से हो गई है। जिसका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। दोपहर को अचानक तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद चिकित्सकों ने काफी प्रयास किया परंतु डेंगू पीड़ित महिला मरीज़ को बचाया नहीं जा सका। जिसकी जानकारी नोडल अधिकारी कुरूवंशी ने दी।
       
डेंगू के मुख्य कारण
डेंगू के तेज़ी से बढ़ रहे मरीजों की संख्या से राजधानी के हालात बेकार होते जा रहे हैं। अब तक सौ के आसपास मरीजों के मिलने से संभावनाएं बढ़ती जा रही है कि पिछले वर्ष की ही तरह इस वर्ष भी कहीं डेंगू के प्रकोप से कुछ मरीजों की जानें न चली जाएं। डॉक्टरों व विशेषज्ञों से इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि डेंगू का बुखार चढ़ता उतरता रहता है इसलिए कई बार डेंगू संक्रमित व्यक्ति बिना किसी चिकित्सक परामर्श के मेडिकल स्टोर से बुखार व बदन दर्द की दवाएं खा लेते हैं जिससे फौरन तो राहत मिल जाती है मगर दवा के असर खत्म होने के बाद पुनः पहले जैसी स्थिति बन जाती है। मरीज लापरवाही करते हुए बार बार बिना चिकित्सक परामर्श के दवाएं लेकर खाता रहता है इससे डेंगू के संक्रमण का स्तर बढ़ता रहता है और एक समय ऐसा हो जाता है जिस समय डेंगू के मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। लगातार अन्य प्रकार की दवाओं के उपयोग से भी डेंगू का स्तर खतरनाक हो जाता है। अन्य कारणों में से नाली व आसपास में इकट्ठा व रूका हुआ पानी डेंगू फैलाने के लिए काफी है। प्लास्टिक के सामान जहां पर इकट्ठा करके रखा गया हो, बासी भोजन व मुख्य रूप से बासी मांस डेंगू फैलाने के कारण हैं, वैसे भी बारिश के समय मांसाहारी भोजन व तालाब नदियों में पैदा होने वाली हरी साग भाजी खाने से बचना चाहिए। रात  में हल्का भोजन करें और मांसाहारी भोजन से तो विशेष तौर पर दूर रहें।
 
डेंगू के लक्षण
डेंगू एक वाइरल बीमारी है। एडीज मच्छर किसी डेंगू पीड़ित मरीज का खून चूसता, जिससे वह इन्फेक्टेड हो जाता है और फिर वह किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो वह डेंगू का शिकार हो जाता है। अचानक तेज बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में जबरदस्त दर्द इसके प्रारंभिक लक्षण हैं। सांस में रुकावट होती है। ऐसे में जरूरी है कि मरीज को अच्छे अस्पताल ले जाएं, जहां पर इलाज की हर सुविधा उपलब्ध हो, क्योंकि इसमें प्लेटलेट कोशिकाओं की कमी हो जाती है।
   
डेंगू से बचाव के तरीके
डेंगू एडीज इजिप्टी मच्छरों के काटने से होता है। इससे बचाव का कोई टीका नहीं है, इसलिए सजगता जरूरी है। गंदे पानी के बजाय यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। शरीर को ढंक कर रखें। पानी के फव्वारों को हफ्ते में एक दिन सुखा दें। घर के आसपास छत पर पानी जमा न होने दें। घर का कचरा निश्चित जगह पर ही डालें। पानी की टंकियों को ढंक कर रखें व नियमित साफ करें। पानी को जमा न होने दें, पानी को लंबे समय तक स्टोर करके न रखें, कूलर को समय-समय पर खाली कर धोएं।


तेज बुखार, जोड़ों में दर्द हो तो पैरासिटामॉल ले सकते हैं। अगर आराम नहीं मिल रहा है तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी न करें। ब्लड टेस्ट करवाएं, प्लेटलेट कम है तो फिर डेंगू जांच आवश्यक है। पॉजिटिव आने पर घबराएं नहीं, अलर्ट रहें। ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें, तब भी बुखार नहीं रुकता है तो भर्ती होना ही पड़ेगा। - डॉ. अख्तर ज़मा, सीनियर फिजिशियन, एमएमयूएमसी, रायपुर

स्थिति नियंत्रण में है। डेंगू, मलेरिया से बचाव और मरीजों को ढूंढ़ने के लिए विभाग द्वारा घर पहुंच अभियान शुरू किया गया है। हमें भी जागरूक होने की जरूरत है। - डॉ. केआर सोनवानी, राज्य नोडल अधिकारी, आईडीएसपी

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