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शुक्रवार, 28 अगस्त 2015

कानपुर - नेता, अपराधी दिखाते हनक जोरदार, खाकी हुयी बेबस लाचार

(टूटने की कगार पर है पुलिसकर्मियों का मनोबल)
कानपुर 28 अगस्‍त 2015 (सूरज वर्मा). नेताओं द्वारा संरक्षित अपराधियों पर हाथ डालने से डरने वाले पुलिस कर्मी अब सार्वजनिक रूप से पीटे और बेइज्‍जत भी किये जा रहे हैं पर अपराधियों और नेताओं का गठबन्‍धन इतना सबल है कि उसके सामने पुलिस वाले बेबस और लाचार नज़र आ रहे हैं। ताजा मामला विधायक के भाई द्वारा दरोगा की पिटाई किये जाने का है जिसमें बगैर किसी कार्यवाही के कल नाटकीय ढंग से समझौता हो गया।

सूत्रों के अनुसार पीडित दरोगा का कहना है कि आरोपी ने उनसे माफी मांग ली और बात खत्‍म हो गयी है। पर हमारा सवाल है कि क्‍या इस घटना के बाद कोई भी पुलिस कर्मी किसी सत्‍ताधारी नेता को कानून का पाठ पढा पायेगा। कानपुर पुलिस पर पहले भी नेताओं के दबाव में अपराधियों को छोडने के आरोप लगते रहे हैं पर अबकी तो हद ही हो गयी है। बताते चलें कि कानपुर में सत्‍ताधारी समाजवादी पार्टी के नेताओं पर सत्ता का जोरदार नशा चढ़ा है। कानपुर मेडिकल कालेज के डॉक्टरों के साथ मारपीट करने के कारण चर्चा में आए सपा विधायक इरफान सोलंकी के भाई फैजान ने दरोगा देवेन्द्र सिंह यादव के साथ बीते सोमवार को मारपीट की थी। दारोगा ने विधायक के भाई और गनर के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी पर जैसा कि हमेशा होता आया है सत्‍ता की ताकत के समक्ष नतमस्‍तक खाकीधारी बडे अधिकारियों के दबाव में यह मामला भी ठण्‍डे बस्‍ते में चला गया। 
 
सोचने वाली बात ये है कि जो पुलिस अपने साथी दरोगा को ही न्‍याय नहीं दिला पायी वो आम जनता को क्‍या न्‍याय दिलायेगी। क्या होगा इस समाज का जहां पुलिस वाले अपनी ही रक्षा नहीं कर सकते हैं। एसएसपी साहब इन पुलिस वालों के आत्‍मविश्‍वास को इतना न टूटने दें कि कानपुर में कानून का राज ही खत्‍म हो जाये। क्‍योंकि यही आलम रहा तो वो दिन दूर नहीं जब सडकों पर गुण्‍डे खुलेआम घूमेगें और पुलिस वाले थाने में छुपे अपनी जान की खैर मना रहे होगें।  इस घटना के बाद अब जनता को भी पुलिस पर भरोसा नहीं रह गया है क्यों की जब एक वर्दीधारी दरोगा को इंसाफ नहीं मिल पाया तो आम आदमी किस मुंह से इंसाफ मांगेगा।

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