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बुधवार, 18 फ़रवरी 2015

भटका हुआ घर वापस आए तो गलत नहीं - मोहन भागवत

कानपुर। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर घर वापसी का मुद्दा छेड़ दिया है। कानपुर में प्रवास के अंतिम दिन मंथन के दौरान उन्होंने घर वापसी को गलत मानने से इनकार कर दिया। बोले, अगर कोई भटका हुआ घर वापस आता है तो उसे मना भी नहीं किया जाना चाहिए।
संघ के विस्तार का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पालक, प्रचारक आनुषांगिक संगठनों की कार्ययोजना पर निगाह रखें। अब कोई भी चूक नहीं होनी चाहिए। संघ की जिम्मेदारी बढ़ गई है। जुड़े संगठन घर-घर भारतीयता जगाने को मुहिम छेड़ दें। अभी से जुटे तो लक्ष्य पाने में कई साल लग जाएंगे। प्रांत, क्षेत्र स्तर के पदाधिकारियों को भी संकल्प दिलाए गए। बिठूर स्थित महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में सुबह से शाम तक बैठक का दौर चला। प्रांत और क्षेत्र प्रचारकों, पालकों से भी वृत्ति निवेदन (कार्ययोजना आवेदन) पर चर्चा हुई। एक-एक पदाधिकारी से उनके अभी तक किए गए प्रयासों और भविष्य की योजना के बारे में जानकारी ली गई। बाहरी की घर वापसी का मुद्दा उठा तो संघ प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा, भारतीयता में रचने-बसने वाले को जोड़ने की जरूरत है। ध्यान रखें कि राष्ट्र निर्माण में जुड़ने वाले के हृदय में भारत माता के प्रति त्याग का जुनून हो। संघ के विस्तार की कार्ययोजना पर जोर देते हुए कहा कि उनके प्रवास का मतलब साफ होना चाहिए। बहुत मेहनत की जरूरत है। लक्ष्य आसान नहीं है। रोज एक घंटा तो निकालना ही होगा। शाखा में नियमित जाना होगा। बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनके परिवार के लोग देश हित में जान न्योछावर कर चुके हैं। उनके गौरव को कोई याद दिलाने वाला नहीं है। उनको सम्मान देने, पहचान दिलाने की जरूरत है। इससे राष्ट्रभक्ति को बल मिलेगा। मोहन भागवत ने कहा कि शाखाओं में तेजी आई कि नहीं, इस पर नजर रखनी होगी। प्रांत स्तर के प्रचारक, मंडल के पालक जुड़े संगठनों पर निगाह रखें। दिल्ली में थमे भाजपा के विजय रथ पर विचार होने पर संघ प्रमुख ने कहा कि मिशन-2017 हो या राष्ट्र निर्माण गलती, दोहराई नहीं जानी चाहिए। प्रचारकों, कार्यवाह, संचालकों की भूमिका और बढ़ गई है। उनको संगठनों की गतिविधियों और कार्ययोजना पर नजर रखनी होगी। प्रवास के अंतिम दिन घंटों तक चले मंथन में तैयार की गई कार्ययोजना को ठोस रणनीति के साथ लागू करने पर जोर दिया गया। संघ प्रमुख ने कहा कि कागजी बातें नहीं होनी चाहिए। गांव-गांव तक आत्मदर्शन के परिणाम जल्द दिखने चाहिए। क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण, क्षेत्र संचालक ईश्वरचंद्र गुप्ता, क्षेत्र कार्यवाह रामकुमार वर्मा, प्रांत प्रचारक अनिल, प्रांच संचालक कानपुर वीरेंद्रजीत सिंह, प्रांत कार्यवाह कांशीराम, अवध प्रांत के प्रचारक संजय, गोरखपुर प्रांत प्रचारक, मुकेश से संघ प्रमुख से सीधे कार्ययोजना पर बातचीत की।

(IMNB)

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